FIFA World Cup 2026: वर्ल्ड कप के बीच ईरानी टीम ने दिया शांति का संदेश, इमोशनल नोट VIRAL

बेल्जियम के खिलाफ ड्रॉ के बाद ईरान की नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार हैं. अब टीम का अगला मुकाबला मिस्र के खिलाफ सिएटल में होगा. अगर ईरान की टीम इस मैच को जीत जाती है, तो वो अगले राउंड में पहुंच जाएगी.

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ईरानी टीम ने बेल्जियम से ड्रॉ खेला... (Photo: Reuters/@KZiabari Photos) ईरानी टीम ने बेल्जियम से ड्रॉ खेला... (Photo: Reuters/@KZiabari Photos)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • लॉस एंजेलिस,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ईरान की टीम ने मैदान के बाहर ऐसा कदम उठाया, जिसकी जमकर तारीफ हो रही है. सोमवार (21 जून) को बेल्जियम के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलने के बाद ईरानी खिलाड़ियों ने लॉस एंजेलिस के सोफी स्टेडियम के ड्रेसिंग रूम में एक इमोशनल नोट छोड़ा, जिसने दुनियाभर के फुटबॉल फैन्स को भावुक कर दिया.

यह नोट सिर्फ मेजबानों को धन्यवाद देने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें अपने देश, समर्थकों और विश्व शांति के लिए भी भावनाएं झलक रही थीं. ईरान फुटबॉल महासंघ ने बाद में इस नोट को सार्वजनिक किया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.

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इस नोट में लिखा था, 'हजारों साल पुरानी प्राचीन फारस से लेकर आज के सभ्य ईरान तक, ईरान की भावना आज भी जीवित और अडिग है. लॉस एंजेलिस, आपकी मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद. हम गर्व के साथ यहां आए, सम्मान के साथ खेले और सम्मान के साथ विदा ले रहे हैं.'

ईरानी टीम ने उन हजारों प्रशंसकों का भी आभार जताया, जिन्होंने दोनों मुकाबलों में स्टेडियम को लगभग घरेलू मैदान जैसा बना दिया. लॉस एंजेलिस दुनिया के सबसे बड़े ईरानी समुदायों में से एक का घर है और इसका असर स्टैंड्स में साफ दिखाई दिया. टीम ने लिखा, 'हर उस ईरानी का धन्यवाद, जिसने इन 180 मिनटों के दौरान अपने दिल, अपनी आवाज और अपनी आत्मा से हमारा समर्थन किया.'

दुनिया के सामने रखा ईरान का दर्द
इस नोट के अंत में दुनिया के लिए एक खास संदेश भी था. इसमे लिखा था, 'हम कामना करते हैं कि सभी देशों के बीच शांति, सम्मान और मित्रता कायम रहे.' इस भावुक संदेश में #168 और #Minab जैसे हैशटैग भी यूज किए. ये ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले की ओर इशारा करते हैं, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था. इस तरह खिलाड़ियों ने अपने देश के दर्द को भी दुनिया के सामने रखने की कोशिश की.

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ईरानी टीम का दुनिया को मैसेज... (Photo: @KZiabari Photo)

ईरान की टीम का फीफा विश्व कप अभियान आसान नहीं रहा है. संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) में लागू यात्रा प्रतिबंधों के कारण टीम को 48 घंटे से ज्यादा समय तक अमेरिकी सीमा के भीतर रहने की अनुमति नहीं मिली. इसी वजह से खिलाड़ियों को अपना बेस कैम्प यूएसए के बजाय मैक्सिको के तिजुआना शहर में बनाना पड़ा.

हर मुकाबले के लिए टीम को सीमा पार कर यूएसए आना-जाना पड़ा. इतना ही नहीं, कुछ अधिकारियों और सपोर्ट स्टाफ को वीजा संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा. टीम के स्टार विंगर मेहदी तोराबी को तो नया वीजा लेने के लिए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक जाना पड़ा.

ईरान के मुख्य कोच अमीर घालेनोई ने बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले के बाद खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि उनकी टीम पूरे टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करने वाली टीम रही है. घालेनोई ने कहा, 'हम शायद पूरे विश्व कप की सबसे ज्यादा पीड़ित टीम हैं. इन हालात में भी खिलाड़ियों ने जिस तरह का फुटबॉल खेला है, उस पर मुझे गर्व है.'

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