FIFA World Cup 2026: क्रोएशिया के साथ हुई नाइंसाफी? 103वें मिनट में गोल, फिर VAR ने दिया झटका

जस्को ग्वार्डियोल के बराबरी वाले गोल पर क्रोएशियाई खिलाड़ी जश्न मना रहे थे, लेकिन VAR ने कुछ ही पलों बाद फैसला पलट दिया. वर्ल्ड कप में पहली बार इस्तेमाल हो रही स्मार्ट बॉल टेक्नोलॉजी के चलते ऐसा हुआ, जिसने मामूली टच पकड़ लिया जो टीवी रिप्ले में भी साफ नजर नहीं आया. पुर्तगाल 2-1 से जीत गया और क्रोएशिया का वर्ल्ड कप सफर दर्दनाक अंदाज में खत्म हो गया.

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फीफा वर्ल्ड कप में VAR को लेकर बखेड़ा. (Photo: Reuters) फीफा वर्ल्ड कप में VAR को लेकर बखेड़ा. (Photo: Reuters)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • टोरंटो,
  • 03 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:13 AM IST

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. इस मैच का सबसे बड़ा हीरो कोई खिलाड़ी नहीं, बल्कि VAR (वीडियो असिस्टेंट रेफरी) और नई तकनीक रहा. 103वें मिनट में क्रोएशिया ने बराबरी का गोल दागकर मुकाबले को अतिरिक्त समय में ले जाने की उम्मीद जगा दी थी, लेकिन कुछ ही पलों बाद VAR ने गोल रद्द कर दिया. इस फैसले ने क्रोएशियाई खिलाड़ियों और फैन्स दोनों को हैरान कर दिया.

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3 जुलाई (शुक्रवार) को टोरंटो के टोरंटो स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया ने शानदार शुरुआत की. इवान पेरिसिच ने जोसिप स्टैनिसिक के शानदार क्रॉस पर गोल कर टीम को बढ़त दिलाई. जवाब में पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनल्टी पर गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया. वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में रोनाल्डो का यह पहला गोल था.

मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ रहा था, तभी पुर्तगाल के कोच रॉबर्टो मार्टिनेज ने बड़ा फैसला लेते हुए रोनाल्डो को मैदान से बाहर बुलाकर रूबेन नेवेस को उतार दिया. यह बदलाव तुरंत असरदार साबित हुआ. राफेल लिओ के सटीक क्रॉस पर गोंकालो रामोस ने शानदार हेडर लगाकर पुर्तगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी.

इसके बाद क्रोएशिया ने पूरा जोर लगा दिया. 103वें मिनट में इवान पेरिसिच ने बॉक्स में शानदार क्रॉस डाला, जिस पर जस्को ग्वार्डियोल ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया. असिस्टेंट रेफरी ने फ्लैग नहीं उठाया. खिलाड़ी और हजारों क्रोएशियाई समर्थक जश्न मनाने लगे. ऐसा लग रहा था कि मैच अतिरिक्त समय में जाएगा. लेकिन तभी VAR ने पूरे मूव की समीक्षा शुरू कर दी.

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रिव्यू के दौरान पता चला कि पेरिसिच के क्रॉस को स्ट्राइकर इगोर मातानोविच ने बेहद हल्का सा छुआ था. यह टच टीवी रिप्ले में लगभग दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन वर्ल्ड कप 2026 में इस्तेमाल की जा रही एडिडास ट्रायोंडा मैच बॉल ने इस टच को रिकॉर्ड कर लिया.

फीफा वर्ल्ड कप में इस बार जो गेंदें यूज हो रही हैं, उनके अंदर लगा मोशन सेंसर हर टच का डेटा रियल टाइम में रिकॉर्ड करता है. सेंसर ने पुष्टि की कि इगोर मातानोविच के गेंद छूते ही मारियो पासालिक ऑफसाइड स्थिति में थे. इसके बाद पासालिक ने ग्वार्डियोल को पास दिया और उन्होंने गोल कर दिया. ऑफसाइड की शुरुआत उसी टच से मानी गई, इसलिए VAR ने गोल रद्द करने की सिफारिश की.

क्रोएशियाई खिलाड़ी की रेफरी से बहस
गोल रद्द होते ही क्रोएशिया के खिलाड़ी रेफरी के पास पहुंच गए और फैसले का जोरदार विरोध किया. कई खिलाड़ियों ने पिच पर ही बहस शुरू कर दी. टीवी रिप्ले में भी यह साफ नहीं दिख रहा था कि मातानोविच ने गेंद को छुआ था या नहीं. हालांकि VAR के पास मोशन सेंसर और सेमी-ऑटोमेटेड ऑफसाइड तकनीक का डेटा मौजूद था, जिसके आधार पर फैसला लिया गया.

क्रिकेट जैसी तकनीक का प्रयोग
वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार इस्तेमाल हो रही कनेक्टेड बॉल टेक्नोलॉजी की तुलना क्रिकेट के स्निकोमीटर से की जा रही है. हालांकि दोनों तकनीकें अलग तरह से काम करती हैं. क्रिकेट में स्निकोमीटर बल्ले और गेंद के संपर्क का पता लगाने के लिए माइक्रोफोन का इस्तेमाल करता है, जबकि फीफा की स्मार्ट गेंद के अंदर लगा मोशन सेंसर गेंद के हर स्पर्श और उसकी दिशा में होने वाले सूक्ष्म बदलाव को रिकॉर्ड करता है.

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इसी तकनीक की मदद से VAR ने ऐसा फैसला लिया, जिसे नंगी आंखों या सामान्य टीवी रिप्ले से समझ पाना लगभग नामुमकिन था. क्रोएशिया के लिए यह फैसला किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा. दूसरी ओर, पुर्तगाल ने 2-1 की जीत के साथ अंतिम-16 में जगह बना ली, जहां उसका सामना एक बार की चैम्पियन स्पेन से होगा.

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