6 छक्के, 11 चौके... युवराज सामरा ने शतक जड़कर टी20 वर्ल्ड कप में रचा इतिहास

चेन्नई में टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप D मुकाबले में कनाडा के 19 साल के सलामी बल्लेबाज युवराज सामरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 65 गेंदों में 110 रन (6 छक्के, 11 चौके) की धमाकेदार पारी खेलकर इतिहास रच दिया.

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कनाडा के युवराज सामरा की तूफानी पारी. (Photo, AP) कनाडा के युवराज सामरा की तूफानी पारी. (Photo, AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:28 PM IST

चेन्नई के मैदान पर मंगलवार को 19 साल के एक लड़के ने ऐसा शोर मचाया कि पूरी दुनिया सुनती रह गई. कनाडा के सलामी बल्लेबाज युवराज सामरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 65 गेंदों में 110 रन ठोककर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में इतिहास रच दिया. 6 छक्के, 11 चौके… और हर शॉट में बेखौफ अंदाज.

ग्रुप D के मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा ने 20 ओवरों में 173/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसकी बुनियाद सामरा की विस्फोटक पारी रही. वह टी20 वर्ल्ड कप में शतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए- 19 साल 141 दिन में यह कमाल कर उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद (22 साल 127 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ दिया,

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मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप (2026) का यह महज दूसरा शतक है. एक दिन पहले ही पथुम निशांका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पल्लेकेल में शतक जड़कर श्रीलंका को जीत दिलाई थी.

कप्तान के साथ 116 रनों की साझेदारी

सामरा ने कप्तान दिलप्रीत बाजवा के साथ पारी की शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 116 रन जोड़े. बाजवा 36 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन सामरा ने रफ्तार नहीं रोकी.

कीवी गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ते हुए उन्होंने मैदान के हर कोने में रन बटोरे. सीधा खेलना, कवर के ऊपर से छक्के और मिडविकेट पर पिक-अप शॉट- उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखा.

युवराज सामरा की पारी दो हिस्सों में बंटी दिखी- पहले संयम, फिर विस्फोट. उन्होंने 36 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके बाद गियर बदला और अगली 22 गेंदों में 50 रन ठोकते हुए सिर्फ 58 गेंदों में शतक जड़ दिया. यानी दूसरे फिफ्टी में उनकी रफ्तार कहीं ज्यादा घातक रही.

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टी20 वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में शतक

19 साल 141दिन – युवराज सामरा (कनाडा) vs NZ, चेन्नई, 2026*

22 साल 127 दिन – अहमद शहजाद (PAK) vs बांग्लादेश, मीरपुर, 2014

23 साल 156 दिन – सुरेश रैना (भारत) vs साउथ अफ्रीका, ग्रोस आइलेट, 2010

25 साल 83 दिन – एलेक्स हेल्स (इंग्लैंड) vs श्रीलंका, चटगांव, 2014

25 साल 327 दिन – ग्लेन फिलिप्स (न्यूजीलैंड) vs श्रीलंका, सिडनी, 2022

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में किसके नाम सबसे कम उम्र में शतक?

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड फ्रांस के बल्लेबाज  गुस्ताव मैक्कॉन (Gustav McKeon) के नाम है. 25 जुलाई 2022 को स्विट्जरलैंड के खिलाफ टीक्कुरिला क्रिकेट ग्राउंड (फिनलैंड) में खेले गए मुकाबले में 109 रनों की पारी खेली. उस समय उनकी उम्र महज 18 साल 280 दिन थी. इसी के साथ वे इस फॉर्मेट में सबसे कम उम्र में सेंचुरी बनाने वाले खिलाड़ी बन गए.

... लेकिन सामरा का शतक टीम के काम नहीं आया

आखिरकार न्यूजीलैंड ने 8 विकेट से जीत दर्ज की और ग्रुप-D से सुपर-8 में पहुंचने वाली दूसरी टीम के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली. कीवियों ने 174 रनों का टारगेट 15.1 ओवरों में हासिल कर लिया. रचिन रवींद्र नाबाद 59 रन बनाकर लौटे. उन्होंने 39 गेंदों का सामना किया, 4 चौके और 3 छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 151.28 रहा.

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वहीं, ग्लेन फिलिप्स ने विस्फोटक अंदाज में नाबाद 76 रन जड़े. उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में 4 चौके और 6 छक्के लगाए और 211.11 के शानदार स्ट्राइक रेट से पारी खेली.

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नाम में ‘युवराज’, खेल में भी वही तेवर

युवराज सामरा का नाम भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह के नाम पर रखा गया है. उनके पिता बलजीत सामरा बड़े प्रशंसक थे. दिलचस्प बात यह है कि सामरा खुद कहते हैं- 'मैं उनकी तरह बनना नहीं चाहता, मैं अपनी पहचान बनाना चाहता हूं.'

लंबे कद के बाएं हाथ के बल्लेबाज सामरा ताकत से गेंद मारने में विश्वास रखते हैं. वह कहते हैं, 'जब गेंद बीच बल्ले से निकलती है और स्टेडियम में आवाज गूंजती है… वही सबसे सुकून देने वाला पल होता है.'

रिकॉर्ड पहले भी बनाए हैं

- 15 गेंदों में फिफ्टी (बहामास के खिलाफ) - कनाडा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड

- 8 वनडे और 18 टी20 इंटरनेशनल पहले ही खेल चुके (यह 19वां टी20 इंटरनेशनल)

- 17 साल की उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू

युवराज सिंह से वह दो बार मिल चुके हैं- एक बार 2019 में और फिर 2025 में. उनके पिता चाहते हैं कि बेटा IPL खेले, खासकर मुंबई इंडियंस के लिए. सामरा का सपना भी साफ है- 'मैं दुनिया की लगभग हर फ्रेंचाइजी लीग खेलना चाहता हूं.'

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युवराज सिंह के साथ युवराज सामरा (Photo, Cricket Canada)

मानसिक मजबूती ही असली फर्क

सामरा मानते हैं कि बड़े और औसत खिलाड़ियों में फर्क मानसिक ताकत का होता है. वह MS धोनी का उदाहरण देते हैं- 'उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका दिमाग था.'

उन्होंने ग्लोबल टी20 कनाडा में उसमाना ख्वाजा की कप्तानी में भी खेला और सीखा कि खेल का आनंद लो, डर के बिना खेलो.

परिवार का त्याग, बेटे का बड़ा सपना

उनकी मां ने नौकरी छोड़ दी, ताकि बेटे के साथ 24x7 रह सकें. 11वीं-12वीं की पढ़ाई होम-स्कूलिंग से पूरी की, ताकि हर हफ्ते 500 गेंदें खेल सकें.

अब वही लड़का टी20 वर्ल्ड कप के मंच पर शतक जड़ चुका है. चेन्नई में इस दिन ने दुनिया को बता दिया- क्रिकेट की दुनिया में अब एक और ‘युवराज’ आ चुका है. फर्क बस इतना है कि यह कनाडा से है… और अपनी कहानी खुद लिखना चाहता है.
 

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