श्रीलंका के सामने बड़ी दुविधा... पाकिस्तान को हराया तो सेमीफाइनल भारत शिफ्ट, हारे तो करोड़ों का फायदा!

पाकिस्तानी टीम यदि आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका के खिलाफ बड़े अंतर से जीत हासिल नहीं कर पाती है, तो वो टूर्नामेंट से आउट हो जाएगी. पाकिस्तान के बाहर होने की स्थिति में तीनों नॉकआउट मुकाबले भारत में खेले जाएंगे.

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पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच मुकाबला कांटेदार हो सकता है. (Photo: Reuters/AP) पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच मुकाबला कांटेदार हो सकता है. (Photo: Reuters/AP)

aajtak.in

  • पल्लेकेले,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:27 PM IST

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंकाई टीम पहले ही सेमीफाइनल की रेस से पूरी तरह बाहर हो चुकी है. श्रीलंकाई टीम अब शनिवार (28 फरवरी) को पल्लेकेले के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान से भिड़ने जा रही है. भले ही यह मैच श्रीलंका के लिए डेड रबर हो, लेकिन टूर्नामेंट के लिहाज से इस मैच की अहमियत बहुत ज्यादा है. इसी मुकाबले पर पाकिस्तान और न्यूजीलैंड की किस्मत टिकी हुई है.

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दरअसल सुपर 8 के ग्रुप 2 में न्यूजीलैंड 3 अंकों और +1.390 नेट रन रेट के साथ दूसरे स्थान पर है. पाकिस्तान फिलहाल 1 अंक और -0.461 नेट रनरेट के साथ तीसरे स्थान पर है. न्यूजीलैंड अपने सभी मैच खेल चुका है, जबकि पाकिस्तान के पास एक आखिरी मौका है. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए पाकिस्तान को श्रीलंका पर कम से कम 64 रनों से जीत दर्ज करनी होगी. या लक्ष्य का पीछा 13.1 ओवर में पूरा करना होगा. कागज पर यह मुश्किल दिखता है, लेकिन आईसीसी टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान की अप्रत्याशित वापसी की छवि को देखते हुए इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता.

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श्रीलंका के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट के लिहाज से मायने नहीं रखता, लेकिन नैतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से यह बेहद संवेदनशील है. अगर श्रीलंका पूरी ताकत से खेलता है, तो पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा. ऐसे में सेमीफाइनल और फाइनल पूरी तरह भारत में शिफ्ट हो जाएंगे. बता दें कि  पाकिस्तान के सेमीफाइनल या फाइनल खेलने की स्थिति में श्रीलंका को दो नॉकआउट मैचों की मेजबानी मिलेगी. ऐसी स्थिति में पहला सेमीफाइनल (4 मार्च) और फाइनल (8 मार्च) कोलंबो में खेला जाएगा.

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यदि पाकिस्तान और भारत दोनों नॉकआउट राउंड में जगह बनाते हैं तो टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ जाएगा. अगर भारत-पाकिस्तान दोनों फाइनल में पहुंचते हैं, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो में ही होगा. ऐसे में यह मुकाबला गेट मनी, होटल बुकिंग, पर्यटन और प्रसारण के जरिए भारी राजस्व ला सकता है. एक हाई-वोल्टेज मुकाबला श्रीलंकाई बोर्ड की आर्थिक स्थिति को मजबूती दे सकता है.

जानबूझकर खराब नहीं खेलेगा श्रीलंका!
देश का प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के लिए सम्मान की बात होती है.अगर यह धारणा बनती है कि श्रीलंका ने आर्थिक लाभ के लिए जानबूझकर मैच ढीला खेला, तो इससे उसकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट खेल की निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धा की भावना पर आधारित होते हैं. ऐसे में किसी भी तरह का समझौता वैश्विक स्तर पर क्रिकेट की साख को ठेस पहुंचा सकता है.

मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के सभी मुकाबले श्रीलंका में आयोजित हुए हैं. इससे पहले आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में भारत ने अपने सभी मुकाबले दुबई में खेले थे. तब टूर्नामेंट का मेजबान पाकिस्तान था. बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) और पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) के बीच सैद्धांतिक रूप से यह सहमति बनी हुई है कि ना तो भारत मैच खेलने पाकिस्तान जाएगा. दूसरी तरफ पाकिस्तानी टीम अपने मुकाबले भारत में नहीं खेलेगा. अब अगर श्रीलंका किसी आर्थिक फायदे के लिए खेल भावना से समझौता करता दिखे, तो यह विवाद और गहरा सकता है.

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