'15 साल के बच्चे के साथ ये ठीक नहीं...', वैभव सूर्यवंशी को बाहर करने पर भड़के सुनील गावस्कर, टीम मैनेजमेंट को जमकर सुनाया

वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तीन मैचों के बाद प्लेइंग-11 से बाहर करने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं. टीम मैनेजमेंट ने आखिरी मुकाबले में अनुभव को प्राथमिकता देते हुए संजू सैमसन की वापसी कराई. सुनील गावस्कर और ग्रीम स्वान का मानना है कि सीरीज का फैसला हो चुका था, ऐसे में युवा बल्लेबाज को एक और मौका देना बेहतर होता.

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वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर सुनील गावस्कर ने हैरानी जताई. (Photo: AFP) वैभव सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर सुनील गावस्कर ने हैरानी जताई. (Photo: AFP)

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • साउथम्प्टन,
  • 11 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:40 PM IST

इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया. 11 जुलाई (शनिवार) को साउथम्प्टन में आयोजित इस मुकाबले में वैभव की जगह संजू सैमसन की वापसी हुई. भारतीय टीम मैनेजमेंट का यह फैसला महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर को बिल्कुल पसंद नहीं आया और उन्होंने खुलकर नाराजगी जाहिर की.

वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के दौरान संजू सैमसन की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया गया था. उन्होंने तीन मुकाबलों में कुल 42 रन बनाए. वैभव ने आक्रामक बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई, लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की अतिरिक्त उछाल के खिलाफ उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि सिर्फ तीन मैचों के बाद वैभव को बाहर करने के फैसले पर गावस्कर ने टीम मैनेजमेंट को घेरा है.

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उनका मानना है कि सीरीज का नतीजा पहले ही तय हो चुका था, ऐसे में युवा बल्लेबाज को एक और मौका दिया जाना चाहिए था. वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 से बाहर रखने के फैसले पर गावस्कर ने कहा, 'उसे टीम में नहीं देखना बेहद निराशाजनक है.' गावस्कर का मानना है कि व्हाइट बॉल क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज को जरूरत पड़ने पर मिडिल ऑर्डर में भी खिलाया जा सकता था.
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सुनील गावस्कर ने कहा, 'सलामी बल्लेबाजों की खास बात यह है कि वे व्हाइट बॉल क्रिकेट में नीचे भी बल्लेबाजी कर सकते हैं. उसने अपनी प्रतिभा दिखाई है. अगर यह करो या मरो का मुकाबला होता तो मैं किसी अनुभवी खिलाड़ी को खिलाने के फैसले से सहमत होता, लेकिन इस मैच का सीरीज के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ना था. मुझे लगता है कि हमने एक मौका गंवा दिया.'

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टीम मैनजेमेंट से की खास गुजारिश
सुनील गावस्कर ने वैभव सूर्यवंश की उम्र का जिक्र करते हुए टीम मैनेजमेंट से युवा खिलाड़ी को संभालने की अपील भी की. उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि कोई उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे बताएगा कि यह अंत नहीं है. मुझे लगता है कि सिर्फ तीन मैचों के बाद 15 साल के खिलाड़ी को बाहर करना थोड़ा कठोर फैसला है.' वैभव की जगह प्लेइंग-11 में लौटे संजू सैमसन के लिए यूरोप दौरा कुछ अच्छा नहीं रहा था. ऐसे में टीम मैनेजमेंट के युवा खिलाड़ी को बाहर कर दोबारा संजू को मौका देने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं.
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इंग्लिश दिग्गज ने भी जताई हैरानी
इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर ग्रीम स्वान ने भी टीम इंडिया के फैसले की आलोचना की. उनका मानना है कि अगर टीम मैनेजमेंट वास्तव में वैभव को असाधारण प्रतिभा मानता है तो उसे सिर्फ तीन मैचों के प्रदर्शन के आधार पर बाहर नहीं किया जाना चाहिए था. स्वान ने कहा, 'उसने तीन मैचों में दिखाया कि वह क्या कर सकता है. अगर वह इन मुकाबलों में पूरी तरह नाकाम रहा होता तो फैसला समझ आता. आप संजू को वापस ला रहे हैं, जिन्होंने 5, 0 और 1 रन बनाए. कम से कम इस बच्चे ने 14, 13 और 15 रन बनाए.'

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ग्रीम स्वान ने वैभव की कम उम्र को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा, 'वह सिर्फ 15 साल का है. ऐसे खिलाड़ी को बहुत सावधानी से संभालना चाहिए, क्योंकि वह अभी भावनात्मक रूप से पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है. यह फैसला उसे तीन या चार महीने पीछे धकेल सकता है. अगर आपके पास 15 साल का ऐसा खिलाड़ी है, जो भविष्य में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक बन सकता है तो आपको उसकी प्रतिभा को निखारना होगा. वह टीम के खराब प्रदर्शन का शिकार बन गया है.'

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