आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से की है. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला गया है. मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. यानी पाकिस्तानी टीम को पहले बॉलिंग करनी पड़ी.
इस मुकाबले में नो हैंडशेक पॉलिसी देखने को मिली. टॉस के समय भारतीय कैप्टन हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया. यह पहली बार नहीं है जब भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक को लेकर चर्चा हुई हो. इससे पहले महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के दौरान कोलंबो में भी भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच में इसी तरह का रुख अपनाया था.
दरअसल, इस विवाद की शुरुआत पुरुष एशिया कप 2025 के दौरान हुई थी. उस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान तीन बार आमने-सामने आए थे और भारतीय खिलाड़ियों ने मैच से पहले और बाद में हैंडशेक करने से परहेज किया था. मामला और चर्चा में तब आया जब भारतीय टीम ने एशिया कप जीतने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था.
भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरमनप्रीत कौर से हैंडशेक विवाद को लेकर सवाल पूछा गया था. इस पर भारतीय कप्तान ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, 'हम यहां क्रिकेट खेलने आए हैं. आप यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं?' हरमनप्रीत के इस जवाब को सोशल मीडिया पर काफी सराहा गया था और इसे टीम के क्रिकेट पर फोकस का संकेत माना गया.
भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंध केवल आईसीसी टूर्नामेंट्स और न्यूट्रल वेन्यू पर खेले जाने वाले आयोजनों तक सीमित रहेंगे, दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012-13 में खेली गई थी. इसके बाद से भारत और पाकिस्तान सिर्फ आईसीसी या एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के टूर्नामेंट्स में ही आमने-सामने आते हैं. मैदान पर खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक हो या नहीं, इससे कहीं ज्यादा अहम मुकाबले का परिणाम है. लेकिन भारत-पाकिस्तान मैचों में ऐसे छोटे-छोटे घटनाक्रम भी अक्सर बड़ी चर्चा का विषय बन जाते हैं.
aajtak.in