वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज सर गारफील्ड सोबर्स का बारबाडोस में उनके घर पर निधन हो गया. 17 जुलाई यानी शुक्रवार को उन्होंने आखिरी सांस ली. सर गारफील्ड सोबर्स का नाम क्रिकेट के सबसे बड़े दिग्गजों में गिना जाता है. गेंद और बल्ले दोनों से ही उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए कई मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी थी. वेस्टइंडीज क्रिकेट को दुनिया भर में पहचान दिलाने में सोबर्स का रोल सबसे अहम रहा. अपने खेल से उन्होंने क्रिकेट जगत पर अपनी एक अलग छाप छोड़ने में सफलता हासिल की थी.
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लगाया रनों का अंबार
सर गारफील्ड सोबर्स ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 383 मैचों की 609 पारियों में 28,314 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 86 शतक और 121 अर्धशतक निकले. वहीं, लिस्ट ए क्रिकेट में उनके नाम 1 शतक दर्ज है, जिसे मिलाकर उनके कुल शतकों की संख्या 87 पहुंचती है. सोबर्स ने मार्च 1954 से अप्रैल 1974 के बीच करीब दो दशकों तक वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया और इस दौरान टीम के लिए कई उपयोगी पारी खेली.
टेस्ट क्रिकेट में भी बिखेरा जलवा
93 टेस्ट मैचों में उन्होंने 57.78 की बेमिसाल औसत से 8032 रन बनाए, जिसमें 26 शतक शामिल रहे. उनका हाईएस्ट स्कोर नाबाद 365 रन था. इसके अलावा सोबर्स ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपनी जादुई गेंदबाजी से 1043 विकेट चटकाए. इसके अलावा टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 235 विकेट और लिस्ट ए में 109 विकेट दर्ज हैं.
6 गेंदों पर 6 छक्के मारकर रचा था इतिहास
सर गैरी के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन 31 अगस्त 1968 को उन्होंने कुछ ऐसा किया था जिसे फैन्स आज तक नहीं भुला सके हैं. नॉटिंघमशायर की कप्तानी करते हुए उन्होंने ग्लेमोर्गन के खिलाफ कार्डिफ के सेंट हेलेन्स मैदान पर बाएं हाथ के गेंदबाज मैल्कम नैश के एक ओवर में 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़ दिए थे. वह क्रिकेट इतिहास में यह कारनामा करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे.
रिकॉर्ड बनाने के बाद कही थी ये बात
आईसीसी के साथ शेयर किए एक पुराने वीडियो में सोबर्स ने इस पल को याद करते हुए कहा था कि मैंने कभी भी 6 छक्के मारने का प्लान नहीं बनाया था. ओवर में जब पांच छक्के लग गए तब मुझे लगा कि मैं इसके बेहद करीब हूं और मुझे आखिरी गेंद पर भी छक्का मारना चाहिए. मुझे पता था कि गेंदबाज अपनी एक्शन बदलने की कोशिश करेगा और मैंने उसी हिसाब से खुद को तैयार कर गैप ढूंढ निकाला.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क