जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने माना कि उनका क्रिकेट का सफर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन की बॉलिंग देखकर शुरू हुआ. स्टेन की तेज गेंदों में स्विंग की कला ने नबी को भी तेज गेंदबाज बनने की प्रेरणा दी. (Photo, PTI)
इस साल रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर को पहली बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले नबी, अब IPL में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते नजर आएंगे. शनिवार को उन्हें मुंबई इंडियंस के खिलाफ उतरने का मौका मिल सकता है. (Photo, PTI)
नबी ने ‘जियो हॉटस्टार’ से कहा, 'बचपन में मैं डेल स्टेन को गेंदबाजी करते देखता था. जिस तरह से वह तेज गति से गेंद को स्विंग कराते थे, उसने मुझे भी तेज गेंदबाज बनने के लिए प्रेरित किया. और हां, उम्मीद है कि एक दिन मैं भारत के लिए खेलूंगा.' (Photo, Reuters)
क्रिकेट की राह आसान नहीं थी. नबी ने कहा, 'पिता हमेशा चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनूं. क्रिकेट खेलने पर उन्हें मुझसे गुस्सा आता था. पर मेरे जूनून ने हमेशा मुझे आगे बढ़ाया.' (Photo, PTI)
उनके खेल में सुधार में सबसे बड़ा हाथ इरफान पठान का रहा. पठान ने नबी को अंडर-23 टीम से सीनियर टीम तक मार्गदर्शन दिया. नबी ने कहा, 'इरफान भाई ने मेरे खेल की खूबियों को देखा, मुझे सीनियर टीम में जगह दिलाई और हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया. उन्होंने मुझे गेंदबाजी के गुर सिखाए और मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाया.' (Photo, PTI)
पठान ने भी नबी की प्रतिभा की तारीफ की. उनका कहना है, 'हम चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर के पास तेज गेंदबाजों का मजबूत समूह हो. आकिब नबी उनमें सबसे अलग थे. उनकी सबसे बड़ी ताकत यह थी कि वे लंबे स्पेल फेंक सकते थे और गेंद को देर तक स्विंग करा सकते थे.'
पठान ने बताया कि नबी की गेंद की सीम से मूवमेंट और दोनों ओर स्विंग कराने की क्षमता उन्हें खास बनाती है. उन्होंने कहा, 'जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसी कई अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की सीम सीधी होती है. आकिब की गति 140 किमी प्रति घंटा तक नहीं हो सकती, लेकिन टप्पा खाने के बाद गेंद की चाल और स्विंग उन्हें सबसे अलग बनाती है. यही उनकी असली ताकत है.' (Photo, PTI)