मायावती ने स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के चयन का अधिकार पूरी तरह से उनके पास है. उन्होंने खुद लखनऊ पार्टी कार्यालय में बैठकर दो दर्जन से अधिक उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया है. पार्टी की आगामी रणनीति और सभी सीटों के लिए टिकट वितरण के फैसले भी मायावती ही करेंगी. यह स्पष्ट संदेश है कि चुनाव की तैयारियों में उनका प्रभुत्व सबसे ऊपर होगा.