इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा' में नसीरुद्दीन शाह ने बंटवारे, बिछड़न और अधूरे प्रेम की पीड़ा को बेहद प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया है. उनकी संवेदनशील अदाकारी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है. 'मैं वापस आऊंगा' में नसीरुद्दीन शाह की मौजूदगी भारतीय सिनेमा में संवेदनशील और ईमानदार अभिनय की अहमियत को फिर से रेखांकित करती है.