हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 71 वर्षीय जुगल किशोर की मौत के बाद उनकी बहन ने अंतिम संस्कार और अस्थि विसर्जन की जिम्मेदारी लेने में असमर्थता जताई। तब आश्रम संचालक और कमेटी ने उनका अंतिम संस्कार किया और अस्थियां सरस्वती नदी में विसर्जित कीं।