90 सेकंड की लाइफलाइन... ईरानी मिसाइल चलते ही इजरायलियों को ऐसे मिलता है 'रेड अलर्ट'

इजरायल में एक ऐसा सिस्टम है जो आयरन डोम से भी बेहतर है. ये मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तुलना में ज्यादा लोगों की जान बचाता है. रडार मिसाइल को पकड़ते ही 90 सेकंड पहले सायरन बज जाते हैं. SMS आ जाता है. इससे लोग तुरंत शेल्टर में पहुंच जाते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में...

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मिसाइल या रॉकेट चलते ही इजरायल में सायरन बजने लगते हैं, उन्हें कैसे पता चलता है कि मिसाइल आ रही है. (Photo: Getty) मिसाइल या रॉकेट चलते ही इजरायल में सायरन बजने लगते हैं, उन्हें कैसे पता चलता है कि मिसाइल आ रही है. (Photo: Getty)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

इजरायल में मिसाइल हमलों के दौरान सबसे ज्यादा जानें बचाने वाला सिस्टम आयरन डोम नहीं, बल्कि उसका मिसाइल वार्निंग सिस्टम है. इस सिस्टम का ऑफिशियल नाम होम फ्रंट कमांड अलर्ट सिस्टम (IDF Home Front Command) है, जिसे आम भाषा में Red Alert या Tzeva Adom कहते हैं.  

आयरन डोम मिसाइलों को हवा में ही रोकता है, लेकिन यह वार्निंग सिस्टम लोगों को सेकेंडों में अलर्ट करके उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचने का मौका देता है. कई एक्सपर्ट्स कहते हैं कि यह सिस्टम आयरन डोम से भी ज्यादा जानें बचा रहा है क्योंकि समय पर चेतावनी मिलने से लोग तुरंत शेल्टर में पहुंच जाते हैं.

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यह सिस्टम कैसे काम करता है?

EL/M-2084 जैसे एडवांस्ड रडार दुश्मन की तरफ से आने वाली मिसाइल को ट्रैक करता है. (Photo: Getty)

जब ईरान या हिजबुल्लाह से मिसाइल दागी जाती है, तो इजरायल का रडार नेटवर्क (जिसमें EL/M-2084 जैसे एडवांस्ड रडार शामिल हैं) मिसाइल को लॉन्च होते ही पकड़ लेता है. रडार मिसाइल की गति, दिशा और लक्ष्य की गणना करता है. फिर बैटल मैनेजमेंट सेंटर तय करता है कि मिसाइल किस इलाके में गिरने वाली है. अगर वह आबादी वाले इलाके की तरफ जा रही है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है. 

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अलर्ट दो तरीकों से जाता है...  

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  • मोबाइल फोन पर पुश अलर्ट – होम फ्रंट कमांड का ऐप और SMS के जरिए जोरदार आवाज के साथ मैसेज आता है.  
  • सरने (सायरन) – इलाके में लाउड सरने बजते हैं.

कितने सेकंड में अलर्ट सक्रिय होता है?  

  • लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (जैसे ईरान से) के मामले में अलर्ट 15 से 30 मिनट पहले शुरू हो जाता है.  
  • मिसाइल लॉन्च होते ही 10 मिनट पहले लाउड SMS अलर्ट जाता है.  
  • 90 सेकंड पहले सायरन बजने शुरू हो जाते हैं.  
  • गाजा या लेबनान से आने वाली छोटे रॉकेट्स के लिए सिर्फ 15 सेकंड का समय मिलता है.
  • इस छोटे से समय में भी लोग तुरंत सुरक्षित कमरे (ममाद) या बम शेल्टर में चले जाते हैं.

यह सिस्टम आयरन डोम से क्यों ज्यादा प्रभावी है?

आयरन डोम मिसाइलों को हवा में रोकता है, लेकिन हर मिसाइल को नहीं पकड़ पाता. जब सैकड़ों मिसाइलें एक साथ आती हैं, तो कुछ बच जाती हैं. लेकिन वार्निंग सिस्टम हर मिसाइल के लिए अलर्ट देता है. इससे लोग समय पर छिप जाते हैं और जानें बच जाती हैं.

इजरायल में सालों से चल रहे प्रशिक्षण की वजह से लोग 15 सेकंड में भी सुरक्षित जगह पहुंच जाते हैं. कई विशेषज्ञ कहते हैं कि यह अलर्ट सिस्टम इजरायल की सबसे बड़ी जिंदगी बचाने वाली व्यवस्था है.

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ईरान युद्ध 2026 में जब ईरान ने तेल अवीव और अन्य शहरों पर मिसाइलें दागीं, तो इस वार्निंग सिस्टम ने लाखों लोगों को सेकेंडों में अलर्ट कर दिया. कई जगहों पर लोग 90 सेकंड पहले ही शेल्टर में पहुंच गए, जिससे जानों की भारी बचत हुई. बिना इस सिस्टम के नुकसान बहुत ज्यादा होता. यह सिस्टम दिखाता है कि आधुनिक युद्ध में समय पर चेतावनी कितनी जानें बचा सकती है.

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