श्रीनगर में झमाझम बारिश, देश के इन हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी

श्रीनगर में मौसम बदला और शहर के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में राहत मिली है. उत्तर-पूर्वी राज्यों, पश्चिम बंगाल और बिहार में अगले दो-तीन में भारी बारिश होने की संभावना है.

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श्रीनगर में बारिश के दौरान एक सड़क की तस्वीर. (Photo: X/@jkmediasocial) श्रीनगर में बारिश के दौरान एक सड़क की तस्वीर. (Photo: X/@jkmediasocial)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:50 PM IST

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में अचानक मौसम बदल गया है. शहर के विभिन्न इलाकों में जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है. आसमान में बादल छाए हुए हैं. हल्की-मध्यम बारिश जारी है. यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आया है, जो उत्तर भारत के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है.

भारतीय मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले दो-तीन दिन में उत्तर-पूर्वी राज्यों, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है. अगले 4-5 दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है. मेघालय में 12 जुलाई यानी आज बेहद तेज बारिश हो सकती है. लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें. 

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श्रीनगर में बारिश ने सड़कों पर पानी जमा कर दिया है. डल झील और आसपास के इलाकों में खूबसूरत नजारा बन गया है, लेकिन यातायात पर थोड़ा असर पड़ा है. किसानों के लिए यह अच्छी खबर है क्योंकि पिछले दिनों सूखे जैसी स्थिति बनी हुई थी. बागवानी क्षेत्र में सेब और अन्य फलों के लिए नमी बहुत जरूरी है. इस बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी और फसलों को बढ़ावा मिलेगा.

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पहाड़ी इलाकों में यह बारिश बर्फबारी के रूप में भी हो सकती है, जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान और गिर सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक ऐसे ही मौसम की संभावना है. भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव भी हो सकता है. इसलिए स्थानीय प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है.

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पश्चिमी विक्षोभ की भूमिका

पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र की एक सामान्य मौसमी सिस्टम है. यह पश्चिम से आकर ठंडी और नम हवाएं लाता है, जो बारिश और आंधी पैदा करती हैं. इस बार यह सिस्टम पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर तक पहुंची है. इससे पूरे क्षेत्र में तापमान में 4-6 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है.

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यह घटना भारत के मॉनसून पैटर्न से भी जुड़ी हुई है. जबकि देश के कई हिस्सों में मॉनसून कमजोर है, उत्तर-पश्चिम में पश्चिमी विक्षोभ मॉनसून की कमी को आंशिक रूप से पूरा कर रहा है. अगर यह प्रणाली मजबूत रही तो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में और बारिश हो सकती है.

जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन और बागवानी पर निर्भर है. बारिश से पर्यटकों को ठंडक मिलेगी और घूमने का मौसम बेहतर होगा. लेकिन तेज बारिश से अगर सड़कें बंद हुईं तो पर्यटन पर असर भी पड़ सकता है. कृषि के लिहाज से यह बारिश फायदेमंद है क्योंकि क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और सूखे का खतरा कम होगा.

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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे अचानक बदलाव बढ़ रहे हैं. कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश. इसलिए स्थानीय लोग और प्रशासन को अनुकूलित होना होगा. अगले कुछ दिनों में श्रीनगर और आसपास के इलाकों में और बारिश की उम्मीद है. अगर पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया तो मौसम साफ हो सकता है. IMD समेत अन्य एजेंसियां लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं. 

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