Vastu For Clock: समय किसी के लिए नहीं रुकता, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपके घर की दीवार पर टंगी घड़ी न केवल समय बताती है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और आपके भाग्य को भी सीधे प्रभावित करती है. गलत दिशा में लगी या खराब घड़ी आपकी तरक्की में बाधा बन सकती है, जबकि सही चुनाव और सही स्थान घर में सुख-समृद्धि का संचार करता है.
घड़ी का चुनाव: आकार और रंग कैसा हो?
वास्तु के अनुसार, घड़ी का चयन करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए:
शुभ आकार: गोल (Round), अंडाकार (Oval) या चौकोर (Square) आकार की घड़ियाँ सबसे शुभ मानी जाती हैं, क्योंकि ये घर में स्थिरता और सामंजस्य लाती हैं.
शुभ प्रकार: पेंडुलम वाली घड़ी (Pendulum Clock) लगाना बहुत शुभ होता है. इसकी मधुर ध्वनि घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाती है.
रंगों का चयन: पूर्व दिशा के लिए सफेद, हल्का नीला या हरा जैसे हल्के रंग शुभ माने जाते हैं, जबकि उत्तर दिशा की घड़ी के लिए सफेद या मेटालिक (धातु) रंगों का चुनाव करना बेहतर होता है.
रखरखाव: घड़ी को हमेशा धूल और जालों से मुक्त रखें. समय-समय पर इसकी सफाई करना जरूरी है ताकि ऊर्जा का प्रवाह निरंतर बना रहे.
दीवार घड़ी के लिए शुभ दिशाएं
वास्तु के अनुसार घड़ी लगाने के लिए सही दिशा का चुनाव करना सबसे महत्वपूर्ण है:
पूर्व दिशा: सूर्योदय की दिशा होने के कारण यहाँ घड़ी लगाना सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है.
उत्तर दिशा: यह धन के देवता कुबेर की दिशा है. यहाँ घड़ी लगाने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और धन लाभ के अवसर बढ़ते हैं.
पश्चिम दिशा: यदि पूर्व या उत्तर दिशा में दीवार पर पर्याप्त जगह नहीं है, तो पश्चिम दिशा को तीसरा सबसे अच्छा विकल्प माना गया है.
इन गलतियों से बचें (क्या न करें)
वास्तु के नियमों के अनुसार कुछ गलतियां आपके जीवन में तनाव और दुर्भाग्य ला सकती हैं:
दक्षिण दिशा से परहेज: दक्षिण दिशा में घड़ी कभी न लगाएं. इसे यम की दिशा माना जाता है, जिससे स्वास्थ्य और जीवन की प्रगति में बाधाएं आ सकती हैं.
दरवाजों के ऊपर: किसी भी कमरे के मुख्य द्वार या दरवाजे के ठीक ऊपर घड़ी न लगाएं, क्योंकि इससे घर के सदस्यों का तनाव बढ़ सकता है.
टूटी या बंद घड़ी: घर में कभी भी बंद घड़ी या टूटे हुए कांच वाली खराब घड़ी न रखें. यह रुके हुए समय और दुर्भाग्य का प्रतीक मानी जाती है.
खतरनाक डिजाइन: बहुत ज्यादा नुकीले आकार या आक्रामक (aggressive) डिजाइन वाली घड़ियों से बचें, क्योंकि ये घर में तनाव पैदा कर सकती हैं.
समय का ध्यान: घड़ी हमेशा सही समय दिखाए या वास्तविक समय से 1-2 मिनट आगे रहे. पीछे चलने वाली घड़ी जीवन की प्रगति को धीमा कर सकती है.
aajtak.in