Shani Vakri & Chaturmas Sanyog 2026: चातुर्मास में शनि चलेंगे वक्री चाल, इन 4 राशियों पर बरसाएंगे भरपूर उग्रता!

Shani Vakri & Chaturmas Sanyog 2026: न्याय के देवता शनि देव 27 जुलाई 2026 से मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) होने जा रहे हैं. चातुर्मास के दौरान शनि का यह उग्र रूप 11 दिसंबर तक रहेगा. जानें सभी 12 राशियों पर इसका क्या असर पड़ेगा और अशुभ प्रभावों से बचने के क्या उपाय हैं.

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चातुर्मास में शनि वक्री का संयोग (Photo: ITG) चातुर्मास में शनि वक्री का संयोग (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

Shani Vakri 2026: ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं. शनि देव इस स्थिति में 11 दिसंबर 2026 तक यानी लगभग 137 दिनों तक रहेंगे. वक्री होने का अर्थ है कि शनि देव पृथ्वी से देखने पर उल्टी चाल चलते हुए प्रतीत होंगे. इसी दौरान चातुर्मास (भगवान विष्णु के शयन का समय) भी शुरू हो चुका होगा, जिसके कारण शनि देव का प्रभाव और अधिक उग्र तथा तीव्र हो जाएगा. वक्री अवस्था में शनि बेहद शक्तिशाली हो जाते हैं और जातकों को उनके कर्मों का फल दोगुनी गति से देते हैं. आइए जानते हैं कि शनि की इस उल्टी चाल का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है.

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मेष राशि (Aries)
शनि आपकी राशि से 12वें भाव में वक्री होंगे. अनचाहे और अचानक होने वाले खर्च बढ़ सकते हैं. कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें. विदेशों से जुड़े काम में लाभ हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें.

वृषभ राशि (Taurus)
शनि आपकी राशि से 11वें भाव में वक्री होंगे. यह समय आपके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद रहेगा. रुके हुए धन की प्राप्ति होगी. हालांकि, बड़े भाई-बहनों या मित्रों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं. निवेश से लाभ के योग हैं.

मिथुन राशि (Gemini)
शनि आपकी राशि से 10वें भाव में वक्री होंगे. कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां और काम का बोझ बढ़ेगा. नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो थोड़ा रुक जाएं. सीनियर्स के साथ तालमेल बिठाकर चलें. मेहनत का फल कुछ देरी से मिलेगा.

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कर्क राशि (Cancer)
शनि आपकी राशि से 9वें भाव में वक्री होंगे. भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कर्म पर भरोसा करना होगा. धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे. पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को कड़ी मेहनत करनी होगी.

सिंह राशि (Leo)
शनि आपकी राशि से 8वें भाव में वक्री होंगे. सिंह राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी. वाहन चलाते समय सतर्क रहें. गुप्त शत्रुओं से परेशानी हो सकती है. आर्थिक मामलों में कोई भी बड़ा जोखिम या निवेश करने से साफ बचें.

कन्या राशि (Virgo)
शनि आपकी राशि से 7वें भाव में वक्री होंगे. वैवाहिक जीवन में तनाव या गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोग पैसों के लेनदेन में पारदर्शिता रखें. नए व्यापार की शुरुआत के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है.

तुला राशि (Libra)
शनि आपकी राशि से 6ठे भाव में वक्री होंगे. शत्रुओं पर आपकी विजय होगी. कोई पुराना कर्ज चुकाने में आप सफल रहेंगे. नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा है, लेकिन पुरानी बीमारियों के उभरने की आशंका है, इसलिए सेहत का ध्यान रखें.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
शनि आपकी राशि से 5वें भाव में वक्री होंगे. संतान पक्ष को लेकर कुछ चिंताएं रह सकती हैं. प्रेम संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है, वाणी पर संयम रखें. विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है. शेयर मार्केट या सट्टेबाज़ी से दूर रहें.

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धनु राशि (Sagittarius)
शनि आपकी राशि से चौथे भाव में वक्री होंगे. पारिवारिक सुख-शांति में कुछ कमी महसूस हो सकती है. माता जी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी. भूमि या वाहन खरीदने की योजना में थोड़ी बाधाएं आ सकती हैं. कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता की परीक्षा होगी.

मकर राशि (Capricorn)
शनि आपकी राशि से तीसरे भाव में वक्री होंगे. आपके आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी. छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी. आपके रुके हुए काम अपनी मेहनत के बल पर पूरे होंगे.

कुंभ राशि (Aquarius)
शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में वक्री होंगे. आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. वक्री शनि के कारण धन संचय करने में परेशानी आ सकती है. कटु वचन बोलने से बचें, अन्यथा बने बनाए रिश्ते बिगड़ सकते हैं.

मीन राशि (Pisces)
शनि आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जहां साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति बन सकती है. कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी या भावुकता में न लें. शारीरिक थकान और आलस्य से बचें. नियमित योग और अनुशासन ही आपको सफलता दिलाएगा.

चातुर्मास और वक्री शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

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1. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. काले तिल, उड़द की दाल या काले कपड़ों का दान करें.
2. नियमित रूप से शनि देव के बीज मंत्र 'ऊं शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करें.
3. शनि देव के उग्र प्रभाव को शांत करने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा या शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करना सबसे अचूक उपाय माना जाता है.

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