फिल्मी स्टाइल में लूटे थे 35 लाख... अब उनकी परेड देखिये... पुलिस से बोल रहे थे- माफ कर दो साहब

राजस्थान के जयपुर में 35 लाख की ज्वेलरी लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर शिनाख्त परेड कराई. आरोपियों को नंगे पांव घटनास्थल के आसपास घुमाया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. भीड़ 'जयपुर पुलिस जिंदाबाद' के नारे लगाती रही, जबकि आरोपी सिर झुकाए चलते रहे और माफी मांगते नजर आए.

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जयपुर में लूट के आरोपियों की निकाली गई परेड. (Photo: Screengrab) जयपुर में लूट के आरोपियों की निकाली गई परेड. (Photo: Screengrab)

विशाल शर्मा

  • जयपुर,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:16 AM IST

जयपुर में 35 लाख रुपये की ज्वेलरी लूट के आरोप में गिरफ्तार तीन लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में तीनों आरोपी पुलिस के घेरे में नंगे पांव चलते दिखाई दे रहे हैं. आसपास लोगों की भीड़ है. कहीं 'जयपुर पुलिस जिंदाबाद' के नारे सुनाई देते हैं तो कहीं आरोपी सिर झुकाए नजर आते हैं. ये पूरा मामला 3 जुलाई को हुई एक हाई-प्रोफाइल लूट से जुड़ा है, जिसमें एक ज्वेलर पर हमला कर लाखों रुपये के गहने और नकदी लूटे जाने का आरोप है.

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पुलिस के मुताबिक, 3 जुलाई की रात खोराबिसल इलाके के नांगल लाडी में ज्वेलर शंकरलाल शर्मा बाइक से जा रहे थे. तभी नकाब पहने कुछ लोगों ने कार उनकी बाइक के आगे लगाकर रास्ता रोक लिया. आरोप है कि इसके बाद लाठी-डंडों से हमला किया गया. हमले में ज्वेलर के दोनों हाथ फ्रैक्चर हो गए, जबकि सिर और नाक पर भी गंभीर चोटें आईं. इसके बाद बदमाश करीब 35 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और 1.50 लाख रुपये कैश लेकर फरार हो गए.

वारदात के बाद जयपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच शुरू की. इस दौरान पुलिस ने कमलेश कुमार बाज्या, विशाल मीणा और अशोक उर्फ गोलू मीणा को गिरफ्तार किया. एक अन्य आरोपी जितेंद्र अब भी फरार है.

यह भी पढ़ें: नागपुर: वाहनों की तोड़फोड़ करने वाले बदमाशों की पुलिस ने निकाली परेड, हाथ जोड़कर मंगवाई माफी

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डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक ज्वेलर की रेकी की थी. पुलिस का कहना है कि वारदात के लिए 5 हजार रुपये में किराए की कार ली गई. पहचान छिपाने के लिए कार की नंबर प्लेट पर काला कपड़ा बांध दिया गया. जांच में यह भी सामने आया कि लूट के बाद गहनों को पिघलाकर चांदी की सिल्ली बनाने की कोशिश की गई, ताकि पहचान मिटाई जा सके.

'क्राइम छोड़ दिया था... फिर लौट आया'

पुलिस का दावा है कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कमलेश कुमार बाज्या है, जिसके खिलाफ पहले से करीब 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पूछताछ में उसने बताया कि कुछ साल पहले उसने अपराध छोड़ दिया था. लेकिन आर्थिक तंगी और प्रेग्नेंट पत्नी के खर्चों के चलते उसने दोबारा अपराध का रास्ता चुन लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस तीनों आरोपियों को घटनास्थल के आसपास लेकर पहुंची. यहीं उनकी शिनाख्त कराई गई. इस दौरान आरोपी नंगे पांव थे और पुलिस सुरक्षा के बीच पैदल चलाए गए.

इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए. वायरल वीडियो में लोग 'जयपुर पुलिस जिंदाबाद' के नारे लगाते दिखाई देते हैं. कुछ वीडियो में आरोपी सिर झुकाए नजर आते हैं. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वे माफी मांग रहे थे. फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है. पुलिस फरार आरोपी जितेंद्र की तलाश कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि लूटे गए सभी गहने कहां गए और क्या इस गिरोह का संबंध दूसरी वारदातों से भी है.

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