आंदोलन के 55वें दिन मजदूर ने तोड़ा दम, विधायक रविंद्र सिंह भाटी बोले- सिस्टम ने ली एक घर के चिराग की जान

बाड़मेर के शिव क्षेत्र में 55 दिनों से धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. घटना के बाद विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. परिजन और ग्रामीण एक करोड़ रुपये मुआवजा तथा मृतक की पत्नी और भाई को नौकरी देने की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं.

Advertisement
धरनार्थी मजदूर की मौत के बाद सैकड़ों लोग प्रदर्शन पर डटे. (Photo: Screengrab) धरनार्थी मजदूर की मौत के बाद सैकड़ों लोग प्रदर्शन पर डटे. (Photo: Screengrab)

दिनेश बोहरा

  • बाड़मेर ,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

राजस्थान के बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा में चल रहे मजदूर आंदोलन के बीच एक दुखद घटना सामने आई है. पिछले 55 दिनों से धरने पर बैठे मजदूर जैसाराम की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और सरकार तथा प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. जानकारी के अनुसार, जैसाराम उन मजदूरों में शामिल था जो RSMM द्वारा संचालित गिरल लिग्नाइट माइंस में कार्यरत थे. कंपनी से निकाले जाने के बाद मजदूर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए थे. पिछले 55 दिनों से यह धरना जारी था और मजदूर लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे थे.

Advertisement

बताया गया कि बीती रात धरनास्थल पर बैठे जैसाराम की अचानक तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे. हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. मजदूर की मौत की खबर फैलते ही धरनास्थल पर मौजूद लोगों में शोक और आक्रोश दोनों देखने को मिला.

मजदूर की मौत के बाद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बातचीत करते हुए भाटी ने इस घटना को एक सामान्य मौत नहीं बल्कि सिस्टम की विफलता बताया. उन्होंने कहा कि आज जो घटना घटी है, वह एक हत्या है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह हत्या निरंकुश शासन और सिस्टम की हठधर्मिता का परिणाम है. भाटी ने कहा कि एक परिवार का चिराग बुझ गया है और इसके लिए पूरी व्यवस्था जिम्मेदार है. उनके अनुसार सिस्टम की गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली और उदासीन रवैये के कारण यह स्थिति पैदा हुई. उन्होंने कहा कि इस घटना का पूरा दोष सिस्टम पर जाता है.

Advertisement

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया

बता दें, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी पिछले लगभग एक महीने से इस आंदोलन के साथ जुड़े हुए हैं. वह लगातार धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं और अपने विधानसभा क्षेत्र के गांवों में जाकर लोगों से आंदोलन के समर्थन की अपील कर रहे हैं. हाल के दिनों में उन्होंने कई गांवों का दौरा कर लोगों को धरने में शामिल होने और मजदूरों की मांगों का समर्थन करने का आग्रह किया था. जैसाराम की मौत के बाद ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया है. सुबह से ही सैकड़ों लोग धरनास्थल पर जुटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

मृतक के परिजन और ग्रामीण सरकार तथा कंपनी से एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा वे मृतक की पत्नी और उसके भाई को नौकरी देने की मांग पर भी अड़े हुए हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, इसलिए सरकार को तत्काल राहत प्रदान करनी चाहिए.

मजदूर की मौत के बाद सैकड़ों लोग प्रदर्शन पर डटे

हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन पाई थी. प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. वहीं धरनास्थल पर लोगों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है. धरने पर बैठे मजदूर की मौत ने पूरे आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »