आज सबसे पहले आपको जमुई कांड के दरिंदे का चेहरा दिखाएंगे.ये भी बताएंगे कि जब एक बच्ची के साथ दरिंदगी होती है, तो समाज की सोच क्या रहती है? अपराधियों पर कार्रवाई की मांग करने के बजाय कुछ लोग लड़की के कपड़ों और उसके चरित्र पर सवाल उठाने लगे. कुछ नेता इसमें जाति ढूंढने लगे, तो कुछ आरोपी के 'गमछे के रंग' पर राजनीति चमकाने लगे. हद तो तब हो गई जब कुछ ज़िम्मेदार लोग इसे 'छिटपुट घटना' बताकर पल्ला झाड़ने लगे सवाल ये है कि आखिर पीड़ित बच्ची को इंसाफ दिलाने के बजाय हर बार अपराध को राजनीति की सूली पर क्यों चढ़ा दिया जाता है?