ट्विशा शर्मा मौत मामले में आवाज का नमूना (वॉयस सैंपल) देने को लेकर नया विवाद सामने आया है. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने मध्य प्रदेश की ट्रायल कोर्ट को बताया कि समर्थ ने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया.
हालांकि, गिरिबाला सिंह की ओर से पेश वकील ईनोश जॉर्ज ने सीबीआई के दावे पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किल गिरिबाला सिंह ने तीन बार अपना वॉयस सैंपल दिया है और उन्होंने कभी भी जांच में सहयोग करने से इनकार नहीं किया.
वहीं, समर्थ के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल ने वॉयस सैंपल देने से मना नहीं किया था. उन्होंने दावा किया कि समर्थ ने केवल उस ट्रांसक्रिप्ट को लेकर कुछ सवाल उठाए थे, जिसे वॉयस सैंपल रिकॉर्ड करने के दौरान पढ़ने के लिए दिया गया था. वकील के अनुसार, सीबीआई ने उन सवालों का जवाब देने के बजाय अदालत को गलत जानकारी दी कि समर्थ ने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया.
फिलहाल, इस मुद्दे पर सीबीआई और आरोपियों के वकीलों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं. मामले की सुनवाई जारी है और आगे अदालत में इस विवाद पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है.
क्या है ट्विशा शर्मा मौत मामला?
पूर्व मिस पुणे और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है, जिनका शव 12 मई 2026 को भोपाल स्थित उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था. ट्विशा के परिवार ने उनकी मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह, जो कि एक रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज हैं, उनपर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है.
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसके बाद एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड की फॉरेंसिक रिपोर्ट में घटनास्थल से मिली एक जिमनास्टिक बेल्ट के मेटल रिंग का मिलान ट्विशा के गले के निशानों से हुआ, जिसने खुदकुशी के दावे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए. फिलहाल इस मामले में पति और सास दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और हाल ही में ट्रायल कोर्ट में सीबीआई द्वारा आरोपियों के वॉयस सैंपल रिकॉर्ड करने को लेकर एक नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है.
अनीषा माथुर