सोनम रघुवंशी पर मर्डर की धारा ही नहीं लगी, हत्या के आरोप में नहीं दिखाई गई गिरफ्तारी, अब जेल से आएगी बाहर

सोनम रघुवंशी को राजा रघुवंशी हत्याकांड में जमानत पुलिस की गंभीर चूक के चलते मिली. गिरफ्तारी दस्तावेजों में गलत और गैर-मौजूद धाराएं दर्ज थीं, जबकि असली मर्डर चार्ज का उल्लेख ही नहीं था.  फैसले के बाद राजा रघुवंशी का परिवार नाराज है और हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है.

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सोनम रघुवंशी अब जमानत पर जेल से बाहर आएगी (Photo: ITG) सोनम रघुवंशी अब जमानत पर जेल से बाहर आएगी (Photo: ITG)

अनीषा माथुर

  • शिलांग ,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली है. करीब 11 महीने से जेल में बंद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को कोर्ट से जमानत मिल गई है. अदालत ने अपने आदेश में जो टिप्पणियां की हैं, उन्होंने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है और जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

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अदालत ने अपने आदेश में सबसे बड़ी बात यह कही कि सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी से जुड़े सभी दस्तावेज गिरफ्तारी मेमो, निरीक्षण मेमो, अधिकारों की सूचना मेमो और केस डायरी इन सभी में जिस कानूनी धारा का उल्लेख किया गया, वह अस्तित्व में ही नहीं है. पुलिस द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 403(1) लिखी गई थी. लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई धारा मौजूद ही नहीं है. यह कोई छोटी-मोटी गलती नहीं मानी गई, बल्कि अदालत ने इसे गंभीर लिपिकीय त्रुटि से भी आगे की बात माना. यही नहीं, जिस हत्या के आरोप में सोनम को गिरफ्तार किया गया, वह बीएनएसएस की धारा 103(1) के तहत बताया गया, लेकिन यह धारा भी उन दस्तावेजों में कहीं दर्ज नहीं थी जो गिरफ्तारी के समय सोनम को दिखाए गए थे. कानून के मुताबिक, किसी भी आरोपी को यह बताया जाना अनिवार्य होता है कि उसे किस अपराध और किस धारा के तहत गिरफ्तार किया जा रहा है. लेकिन इस मामले में यही मूल प्रक्रिया पूरी तरह से नजरअंदाज होती दिखी.

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क्लेरिकल एरर का तर्क भी नहीं चला

पुलिस ने अदालत में यह दलील दी कि यह सिर्फ एक क्लेरिकल एरर यानी लिपिकीय गलती थी. लेकिन शिलांग की अदालत ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया. अदालत का मानना था कि यह कोई साधारण गलती नहीं है, बल्कि इससे आरोपी के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है. यदि किसी व्यक्ति को यह ही नहीं बताया गया कि उसे किस आधार पर गिरफ्तार किया जा रहा है, तो वह अपने बचाव का अधिकार कैसे इस्तेमाल करेगा? अदालत ने यहां तक कह दिया कि आरोपी को गिरफ्तारी के प्रभावी और वैध कारण नहीं बताए गए, इसलिए पूरी गिरफ्तारी प्रक्रिया ही अवैध मानी जाएगी.

वकील भी नहीं मिले 

अदालत ने एक और महत्वपूर्ण बिंदु पर ध्यान दिया. आदेश में कहा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि सोनम को गिरफ्तारी के बाद वकील की सुविधा दी गई थी. जब उसे पहली बार गाजीपुर अदालत में पेश किया गया, तब भी यह स्पष्ट नहीं था कि उसे कानूनी सलाह का अवसर मिला या नहीं.

जमानत पर शर्तें भी लागू

हालांकि अदालत ने जमानत दी है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. सोनम रघुवंशी बिना अदालत की अनुमति के शिलांग जिले से बाहर नहीं जा सकेंगी. यह शर्त इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और जांच एजेंसियों की नजर इस पर बनी हुई है.

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राजा के परिवार वाले गुस्से में 

जमानत के इस फैसले के बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिवार में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद पीड़ादायक है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी परिवार से साझा नहीं की, जिसका फायदा आरोपी पक्ष ने उठाया. विपिन ने साफ कहा कि वे इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे और जमानत रद्द कराने की मांग करेंगे.

मां का दर्द और आरोप

राजा की मां उमा रघुवंशी का गुस्सा भी खुलकर सामने आया. उन्होंने कहा कि उन्हें कानून पर भरोसा था, लेकिन अब उनका विश्वास टूट गया है. उमा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में पैसों का खेल हुआ है और न्याय प्रभावित हुआ है. उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी पक्ष के लोगों के बीच आपसी सांठगांठ है और दूर तक लेनदेन हुआ है. 

पिता और भाई ने भी उठाए सवाल

मृतक के पिता अशोक रघुवंशी ने भी न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अब सिस्टम पर भरोसा नहीं रहा. वहीं भाई सचिन रघुवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने फिल्मों में सुना था कि कानून अंधा होता है, लेकिन अब उन्हें इस पर यकीन हो गया है. 

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क्या है पूरा मामला?

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम से 11 मई को हुई थी. शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे. 23 मई को राजा अचानक लापता हो गए. कई दिनों की तलाश के बाद 2 जून को उनका शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) में एक गहरी खाई से बरामद हुआ. बाद में सोनम ने 8 जून को गाजीपुर में आत्मसमर्पण किया. पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया और जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई.

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