'इतना बजट नहीं कि एक पोस्ट पर सड़क बनाने पहुंच जाएं', सीधी की वायरल वुमन लीला साहू की मांग पर बोले PWD मंत्री

वायरल वुमन लीला साहू की मांग पर मध्य प्रदेश के PWD मंत्री राकेश सिंह बोले कि पीडब्ल्यूडी या किसी भी विभाग के पास इतना बजट नहीं होता कि किसी की सोशल मीडिया पोस्ट पर हम सीमेंट-कंक्रीट या डंपर लेकर सड़क बनाने पहुंच जाएं. कौन-सी सड़क कौन बनाएगा, इसकी व्यवस्था तय है. विभाग की अपनी सीमाएं हैं.

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लीला साहू की मांग पर PWD मंत्री ने दी प्रतिक्रिया. लीला साहू की मांग पर PWD मंत्री ने दी प्रतिक्रिया.

aajtak.in

  • सीधी,
  • 10 जुलाई 2025,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

MP News: सीधी जिले की गर्भवती महिला लीला साहू के वायरल वीडियो पर PWD मंत्री राकेश सिंह ने प्रतिक्रिया दी. कहा कि ऐसे कई स्थान हैं जहां सड़क की मांग है. पीडब्ल्यूडी या किसी भी विभाग के पास इतना बजट नहीं होता कि किसी की सोशल मीडिया पोस्ट पर हम सीमेंट-कंक्रीट या डंपर लेकर सड़क बनाने पहुंच जाएं. कौन-सी सड़क कौन बनाएगा, इसकी व्यवस्था तय है. विभाग की अपनी सीमाएं हैं.

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दरअसल, सीधी जिले की ग्राम पंचायत खड्डी खुर्द, बगैहा टोला की निवासी और यूट्यूबर लीला साहू सड़क की मांग को लेकर वायरल हुई हैं. भारी बारिश में कीचड़ भरे रास्ते की समस्या को लेकर गर्भवती लीला ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक गुहार लगाई है.

लीला साहू ने अपनी रील के माध्यम से कहा, "खड्डी खुर्द, बगैया टोला से गजरी जाने वाली सड़क की मांग हम एक साल से सांसद और विधायक से करते आ रहे हैं, लेकिन हमें केवल तारीखें और वादे मिले हैं. सड़क अब तक नहीं बनी."

लीला ने आगे कहा, "वर्तमान में मैं गर्भवती हूं और मेरे जैसे इस क्षेत्र में नौ अन्य गर्भवती महिलाएं हैं. प्रसव पीड़ा होने पर हम अस्पताल नहीं पहुंच पाते." 

उन्होंने वायरल वीडियो में बताया कि सड़क की समस्या के समाधान के लिए धरना-प्रदर्शन के लिए कलेक्टर और एसडीएम को आवेदन दिया था. प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर शासकीय कागजात दिखाए और कहा कि सड़क का प्रस्ताव पास हो चुका है, कार्यवाही चल रही है, लेकिन सड़क अब तक वैसी ही है. 

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हालात ऐसे हैं कि बारिश में स्थिति ऐसी है कि गंभीर बीमारी या प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल पहुंचना असंभव है और प्रसव रास्ते में ही हो जाता है. स्कूली बच्चे भी स्कूल नहीं पहुंच पाते. आक्रोशित ग्रामीण इस रास्ते पर धान की रोपाई करने को मजबूर हैं. नल जल योजना के तहत एक कंपनी ने सड़क खोदकर गड्ढे कर दिए, जिससे समस्या बढ़ गई. साथ ही निर्माणाधीन गुलाब सागर डैम के कारण बड़े वाहनों का आवागमन बना रहता है. ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस हैं. 

जिला प्रशासन के अपर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ अंशुमान राज ने पत्रकारों से कहा, "इस मामले की जल्द जांच कराई जाएगी और एक टीम गठित कर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा." 

लीला साहू ने बताया कि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा था कि सड़क प्रस्तावित हो चुकी है और जल्द काम शुरू होगा, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद सड़क पर कोई काम नहीं हुआ.

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