मध्य प्रदेश में मानसून सत्र में पेश होगा UCC बिल, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश सरकार आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने की तैयारी में है. सरकार जहां इसे सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस ने इसे आदिवासी समुदाय की पहचान और संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा करार दिया है.

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव. (File Photo: PTI) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव. (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:31 PM IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने से जुड़ा विधेयक विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह विधेयक इसी सत्र में पारित भी हो जाएगा. मुख्यमंत्री विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

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उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा. जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करेगी, तो उन्होंने कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण और समकालीन मुद्दों को सदन में लाने जा रही है. उन्होंने कहा, 'समान नागरिक संहिता विधेयक भी इसी सत्र में पेश किया जाएगा. बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह बिल इसी सत्र में पारित होगा.'

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मानसून सत्र में वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किए जाने की भी संभावना है. इसके अलावा कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संशोधनों पर चर्चा होने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री मोहन यादव इससे पहले भी कह चुके हैं कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी. इसके लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की है. सरकार का कहना है कि समिति विभिन्न जिलों का दौरा कर सभी धर्मों के लोगों से सुझाव जुटा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, 'रिपोर्ट तैयार होने के बाद हम चाहते हैं कि मध्य प्रदेश में जल्द से जल्द समान नागरिक संहिता लागू हो. राज्य की जनता भी इसे लागू होते देखना चाहती है.'

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सरकार ने यूसीसी से संबंधित एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसके जरिए आम लोग अपने सुझाव दे सकते हैं. मुख्यमंत्री ने नागरिकों से इस विषय पर अपनी राय साझा करने की अपील की. वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने यूसीसी को लेकर चिंता जताई है. कांग्रेस का आरोप है कि यह आदिवासी समुदाय की पहचान, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि सरकार समानता के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है.

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