मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ऐशबाग डबल मर्डर केस का पुलिस ने 20 दिन की तफ्तीश के बाद सनसनीखेज खुलासा किया है. बुजुर्ग दंपत्ति हेमंत और शकुंतला फिलेमोन की हत्या के पीछे करोड़ों रुपए की संपत्ति हड़पने की साजिश सामने आई है. पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों, श्रीकांत चिचलिया और शशीकांत चिचलिया को गिरफ्तार किया है.
आरोप है कि दोनों ने पहले धोखाधड़ी से दंपत्ति के मकान का गिफ्ट डीड अपने नाम कराया और फिर संपत्ति पर पूरी तरह कब्जा करने के लिए उनकी हत्या कर दी. ये मामला ऐशबाग थाना क्षेत्र के ओल्ड सुभाष नगर स्थित बी-35/2 मकान का है. मकान की पहली मंजिल पर हेमंत और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन रहते थे. कई दिनों तक दोनों दिखाई नहीं दिए.
इसी दौरान घर से तेज बदबू आने लगी. दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने डायल-112 और पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची तो हेमंत का शव बेड पर और शकुंतला का शव ड्रॉइंग रूम के सोफे पर पड़ा मिला. घटनास्थल से कारतूस के खोखे, बुलेट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले. एफएसएल टीम ने मौके से सभी वैज्ञानिक साक्ष्य जब्त कर जांच शुरू कर दी.
1500 CCTV और 100 से संदिग्धों से पूछताछ
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. करीब 20 पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया. पुलिस ने 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. 100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई. जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और मुखबिरों से मिली जानकारी का मिलान किया गया.
पहले गिफ्ट डीड, फिर ऐसे रची हत्या की साजिश
कई जिलों में दबिश देकर संदिग्धों की तलाश की गई. लगातार 20 दिन तक चली जांच के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले. पुलिस जांच में सामने आया कि श्रीकांत और शशीकांत चिचलिया ने धोखाधड़ी से बुजुर्ग दंपत्ति के करोड़ों रुपए के मकान की गिफ्ट डीड अपने नाम करवा ली थी. आरोपियों को लगा कि दंपत्ति की स्वाभाविक मौत के बाद संपत्ति पूरी तरह उनकी हो जाएगी.
यह मामला तब बदल गया जब उन्हें पता चला कि दंपत्ति ने अपने मकान का सौदा तय कर लिया है. आरोपियों को लगा कि करोड़ों रुपए की यह संपत्ति उनके हाथ से निकल जाएगी. इसके बाद दोनों भाइयों ने योजनाबद्ध तरीके से हेमंत और शकुंतला की हत्या कर दी. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल थे.
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आगे टूट गए दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जांच को भटकाने की कोशिश की थी. हालांकि, फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल सबूतों के सामने उनकी कहानी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी. पुलिस ने जब वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की तो दोनों भाइयों ने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली.
डीजीपी ने रखा था 50 हजार रुपए का इनाम
इस मामले की संवेदनशीलता और आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को देखते हुए मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था. अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने भोपाल के इस चर्चित ब्लाइंड डबल मर्डर केस का खुलासा कर दिया है. पुलिस पूरे मामले में आगे की जांच कर रही है, ताकि हर पहलू सामने आए.
रवीश पाल सिंह