e-साहित्य आजतक: प्रवासी मजदूरों के नाम मैथिली का गाना, कोरोना पर दिया खास संदेश

मैथिली ने सत्र की शुरुआत मिथिला के एक लोक गीत से की. इसके बाद उन्होंने बताया कि वे लॉकडाउन में आजकल क्या कर रही हैं. साथ ही उन्होंने कोरोना पर लोगों को संदेश भी दिया.

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मैथिली ठाकुर मैथिली ठाकुर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:05 PM IST

e साहित्य आजतक का मंच सज चुका है और फेमस लोक गायिका मैथिली ठाकुर अपने भाइयों अयाची और ऋषभ के साथ इसका हिस्सा बनीं. मिथिला की रहने वाली मैथिली ने आजतक एंकर श्वेता झा से बातचीत की. इस मौके पर उन्होंने दर्शकों को ढेरों गाने सुनाए तो वहीं लॉकडाउन में अपने घर पर होने वाली बातें भी बताईं. साथ ही उन्होंने कोरोना पर जनता को संदेश भी दिया.

मैथिली ने सत्र की शुरुआत मिथिला के एक लोक गीत से की. इसके बाद उन्होंने बताया कि वे लॉकडाउन में आजकल क्या कर रही हैं. मैथिली ने कहा कि उनका और उनके भाइयों का सारा समय प्रैक्टिस में जा रहा है. ये सभी पहले से ज्यादा प्रैक्टिस कर रहे हैं.

मैथिली ने कहा- हमारा सारा समय प्रतिके करने, नई-नई चीजें सीखने और यूत्युबे और फेसबुक के जरिए फैन्स से बातचीत करने में जा रहा है. हम लोग इस समय में भजन ज्यादा गा रहे हैं. हमारा मानना है कि ऐसे समय में भजन लोगों का मन शांत करते हैं और अच्छे रहते हैं.

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इसके बाद उन्होंने रामायण का एक पॉपुलर भजन भी दर्शकों के लिए गाया. मैथिली ने ये भी बताया कि इस भजन को उन्होंने अपने भाई ऋषभ के यूट्यूब पेज पर शेयर किया था और अभी तक इस गाने को 1.3 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं.

प्रवासी मजदूरों के लिए गाया गाना

मैथिली ठाकुर और उनके भाइयों ने प्रवासी मजदूरों के लिए भी गाना गाया. उन्होंने कहा कि लोगों को उनका घर प्यार होता है है. हम भी साग पात खाकर जीवन बिता लेंगे लेकिन नहीं छोड़ेंगे. सत्र के संत में मैथिली ने छाप तिलक गाने को गाया और दर्शकों से विदा ली.



जनता को दिया संदेश

मैथिली ने दर्षाओं से घर पर रहने और अपना ध्यान रखने के बारे में कहा. उन्होंने कहा कि वे इतने समय में बस एक बार बाहर निकली हैं और उन्होंने सबकुछ बदला हुआ देखा है. मैथिली ने कहा कि हमें अपना लाइफस्टाइल बदलना होगा.

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