Sattu vs Whey Protein: सत्तू या व्हे प्रोटीन... क्या अधिक फायदेमंद? डॉक्टर ने बताई अपनी राय

फिटनेस जर्नी के लिए व्हे प्रोटीन और सत्तू में से क्या बेहतर है. क्या सत्तू वाकई व्हे का विकल्प हो सकता है या मसल बिल्डिंग के लिए व्हे प्रोटीन ही बेस्ट है? इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि दोनों में से क्या बेस्ट है.

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सत्तू और व्हे प्रोटीन का अच्छा सोर्स हैं. (Photo: AI Generated) सत्तू और व्हे प्रोटीन का अच्छा सोर्स हैं. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 07 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

Sattu vs Whey Protein: भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में फिटनेस को लेकर हर कोई अवेयर है. जिम जाने वाले लोग हों या घर पर वर्कआउट करने वाले, अक्सर एक सवाल सबके दिमाग में घूमता है, क्या वर्कआउट के बाद व्हे प्रोटीन (Whey Protein) लेना बेहतर है या फिर हमारा पारंपरिक सत्तू (Sattu)? सत्तू जहां सदियों से भारतीय डाइट का अहम हिस्सा रहा है, वहीं व्हे प्रोटीन को मसल रिकवरी के लिए बेस्ट माना जाता है. गुड़गांव में मैक्स हॉस्पिटल की डाइटेटिक्स और न्यूट्रिशन विभाग की हेड डॉ. सुरभि शर्मा ने बातचीत के दौरान इस पर विस्तार से बताया.

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प्रोटीन और कैलोरी का गणित

जब हम प्रोटीन की तुलना करते हैं तो सबसे पहले प्रोटीन का मैथ समझना जरूरी है. एक स्कूप व्हे प्रोटीन आपको 25 से 28 ग्राम प्रोटीन देता है जबकि इसमें केवल 130 से 140 कैलोरी होती है. इसके विपरीत सत्तू (जो भुने चने से बनता है) में इससे 25 ग्राम प्रोटीन पाने के लिए आपको 100 ग्राम सत्तू का सेवन करना होगा. ऐसे में आपको लगभग 380 से 400 कैलोरी मिलती है. इसका मतलब है कि सत्तू लेने पर आपको प्रोटीन के मुकाबले 3 गुना अधिक कैलोरी मिलती है.

प्रोटीन क्वालिटी और डाइजेशन का अंतर

व्हे प्रोटीन को एक 'कम्पलीट प्रोटीन' माना जाता है क्योंकि इसमें सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड मौजूद होते हैं. सत्तू भी एक हद तक कम्पलीट प्रोटीन है लेकिन इसमें मेथियोनीन नामक अमीनो एसिड की कमी होती है. हालांकि, सत्तू का बड़ा फायदा इसमें मौजूद फाइबर (20 ग्राम प्रति 100 ग्राम) है जो इसे पचाने में धीमा बनाता है और पेट को देर तक भरा रखता है. दूसरी तरफ व्हे प्रोटीन में फाइबर ना के बराबर होता है, जिससे यह बहुत तेजी से पचता है.

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हेल्थलाइन के अनुसार, व्हे प्रोटीन अपनी तेजी से एब्जॉर्ब होने की खूबी की वजह से मसल ग्रोथ और रिकवरी के लिए बहुत असरदार है. वहीं, भुने हुए चने (सत्तू) जैसे प्लांट-बेस्ड प्रोटीन फायदेमंद तो होते हैं लेकिन उनमें कुछ जरूरी अमीनो एसिड्स की कमी हो सकती है.

पोषण और बजट के मुताबिक, सत्तू या व्हे?

पोषण के मामले में सत्तू आयरन और मैग्नीशियम का बेहतरीन सोर्स है जबकि व्हे प्रोटीन का एकमात्र उद्देश्य प्रोटीन देना है. खर्च के मामले में सत्तू बहुत सस्ता है (500 ग्राम ₹195), जबकि व्हे प्रोटीन काफी महंगा है (500 ग्राम ₹1800).

हॉवर्ड हेल्थ के एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि भले ही प्लांट प्रोटीन बहुत पौष्टिक होते हैं लेकिन जो लोग खासतौर पर प्योर मसल सिंथेसिस (मसल बनाने) पर फोकस कर रहे हैं, उनके लिए व्हे प्रोटीन ज्यादा कारगर साबित होता है. हालांकि, किसी भी सप्लीमेंट को चुनने से पहले अपने पूरे दिन के डाइट गोल्स को ध्यान में रखना चाहिए.

एक्सपर्ट की राय

यदि आपका गोल बिना अतिरिक्त कैलोरी के प्रोटीन लेना है तो व्हे प्रोटीन आपके लिए बेस्ट है. वहीं यदि आप कैलोरी की चिंता नहीं करते और एक पौष्टिक डाइट चाहते हैं तो सत्तू एक अच्छा विकल्प है.

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