How To Make Black Garlic: 'काला लहसुन' खाने के हैं कई फायदे, कुकर में घर पर ही ऐसे करें तैयार

सफेद लहसुन के मुकाबले काला लहसुन (ब्लैक गार्लिक) सेहत के लिए कई गुना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. फर्मेंटेशन की प्रोसेस से तैयार होने वाला यह सुपरफूड एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है.

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काला लहसुन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. (Photo: AI Generated) काला लहसुन सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST

लहसुन का इस्तेमाल भारतीय किचन में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए सदियों से किया जा रहा है. ये शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है लेकिन क्या आप लेकिन क्या आपने कभी काले लहसुन यानी ब्लैक गार्लिक के बारे में सुना है? साधारण सफेद लहसुन को एक खास तापमान और नमी पर हफ्तों तक फर्मेंट करके काला लहसुन तैयार किया जाता है. इस प्रोसेस के बाद लहसुन का तीखापन और तेज गंध गायब हो जाती है लेकिन इसके फायदे और अधिक बढ़ जाते हैं. तो आइए घर पर काला लहसुन कैसे बनाएं, इस बारे में जान लीजिए.

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घर पर कैसे बनाएं काला लहसुन?

घर पर काला लहसुन बनाने के लिए आपको आप अच्छी क्वालिटी के सफेद लहसुन और एक इलेक्ट्रिक राइस कुकर लें. सबसे पहले लहसुन की गांठों को बिना छीले कपड़े से साफ कर लें और फिर लहसुनों की कलियों को कुकर में रख दें. अब कुकर को बंद करें और उसे वॉर्म सेटिंग पर सेट कर दें. ध्यान रहे कि कुकर को कुक मोड पर नहीं, बल्कि सिर्फ वॉर्म मोड पर रखना है ताकि उसे लगातार हल्की गर्मी मिलती रहे. 

कुकर को करीब 2 हफ्तों के लिए ऐसे ही छोड़ देना है. इस दौरान लहसुन के अंदर नेचुरल फर्मेंटेशन होगा जिससे उसका रंग पूरी तरह काला और टेक्सचर जेली जैसा सॉफ्ट हो जाएगा. यह प्रोसेस सिर्फ इलेक्ट्रिक राइस कुकर या ब्लैक गार्लिक फर्मेंटेशन मशीन में ही हो सकती है क्योंकि सिर्फ इन्हीं में लगातार हफ्तों तक 'Keep Warm' रखने का फीचर होता है. गैस वाले नॉर्मल कुकर को आप हफ्तों तक ऑन नहीं रख सकते.

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इन बातों का रखें ध्यान

लहसुन को काला करने के लिए किसी तेज आंच की जरूरत नहीं होती, बल्कि बहुत ही हल्की और लगातार मिलने वाली गर्मी (लगभग 60°C से 75°C का तापमान) और नमी की जरूरत होती है. 

इस धीमी आंच पर लहसुन के अंदर मौजूद शुगर और अमीनो एसिड आपस में रिएक्ट करते हैं जिसे साइंस की भाषा में मेलार्ड रिएक्शन कहा जाता है. इसी वजह से लहसुन का रंग धीरे-धीरे काला, स्वाद मीठा और टेक्सचर जेली जैसा हो जाता है.

यह प्रोसेस सिर्फ इलेक्ट्रिक राइस कुकर या ब्लैक गार्लिक फर्मेंटेशन मशीन में ही हो सकती है क्योंकि सिर्फ इन्हीं में लगातार हफ्तों तक 'Keep Warm' रखने का फीचर होता है. गैस वाले नॉर्मल कुकर को आप हफ्तों तक ऑन नहीं रख सकते.

काला लहसुन खाने के फायदे

सफेद लहसुन की तुलना में काले लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा दोगुनी से भी ज्यादा हो जाती है जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है.

आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल में हार्ट हेल्थ का ख्याल रखना सबसे बड़ी चुनौती है. काला लहसुन बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के लेवल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करता है.

डायबिटीज के मरीजों के लिए काला लहसुन एक बेहतरीन नेचुरल ऑप्शंस साबित हो सकता है. यह शरीर में इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखने में मदद करता है.

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