Copper bottle toxicity: तांबे की बोतल में भूलकर भी न डालें ये 3 चीजें, सेहत को हो सकता है नुकसान

कॉपर बॉटल में पानी पीने का ट्रेंड बढ़ रहा है, लेकिन लोग गलत तरीके से इस्तेमाल कर सेहत को खतरे में डाल रहे हैं. लेमन वॉटर, जीरा वॉटर या गर्म पानी कॉपर बॉटल में खतरनाक हो सकता है। हरे निशान कॉपर के ऑक्सीडेशन का संकेत हैं.

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तांबे के बर्तन कभी-कभी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं, (Photo: AI Generated) तांबे के बर्तन कभी-कभी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं, (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:04 PM IST

कॉपर बॉटल में पानी पीने का ट्रेंड पिछले कुछ सालों में बड़े स्तर पर फॉलो हो रहा है. आयुर्वेद में 'ताम्र जल' को सेहतमंद बताया गया है, लेकिन आज लोग इसे गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं. कॉपर बॉटल में लेमन वॉटर, जीरा वॉटर या गर्म पानी पी रहे हैं. कई लोग तो इसमें ये चीजें घंटों तक भरे रखते हैं तो कुछ लोग रात भर के लिए. लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकता है. यदि आप भी उन लोगों में से हैं तो ये आर्टिकल जरूर पढ़ें.

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लेमन वॉटर और जीरा वॉटर क्यों खतरनाक?

लेमन जूस और जीरा में एसिडिकेटी होती है जो कॉपर के साथ क्रिया करके टॉक्सिक कॉपर सॉल्स बनाती है. ये सॉल्स पानी में घुलकर सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. डॉक्टरों और न्यूट्रिशनिस्ट्स का कहना है कि कॉपर बॉटल में सिर्फ सादा पानी स्टोर करना चाहिए लेकिन कोई भी एसिडिक लिक्विड नहीं डालना चाहिए. एसिडिक लिक्विड कॉपर लेचिंग बढ़ाते हैं यानी कॉपर ज्यादा मात्रा में पानी में घुल जाता है.

गर्म पानी भी कॉपर बॉटल में नहीं डालें

गर्म या बूइंग पानी कॉपर बॉटल में डालने पर कॉपर लेचिंग बढ़ जाती है. इससे कॉपर टॉक्सिसिटी का रिस्क बढ़ता है. डॉक्टर्स का कहना है कि गर्म पानी कॉपर बॉटल में डालना सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है. गर्म पानी में कॉपर तेजी से घुलता है और पानी में टॉक्सिक लेवल बढ़ जाता है.

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हरे निशानों का मतलब क्या है?

कॉपर बॉटल में दिख रहे हरे निशान कॉपर के ऑक्सीडेशन का संकेत हैं. ये कॉपर कार्बोनेट होते हैं, जो बाहरी पतनी नहीं टॉक्सिक नहीं हैं, लेकिन अगर ये बॉटल के इनसाइड हैं तो उन्हें अच्छी तरह क्लीन करना जरूरी है. डॉक्टर्स का कहना है कि ग्रीन लेयर ऑक्सीडेशन का रिजल्ट है और बॉटल को अच्छी तरह क्लीन करना जरूरी है.

कॉपर टॉक्सिसिटी के सिम्प्टम

कॉपर टॉक्सिसिटी के सिम्प्टम नौजिया, वॉमिटिंग, स्टमक क्रम्प्स, डायरिया और दस्त हैं. बच्चों में यह रिस्क ज्यादा है क्योंकि उनके शरीर का साइज छोटा होता है.

कैसे करें सही तरीके से कॉपर बॉटल इस्तेमाल

  • बॉटल में सिर्फ सादा पानी स्टोर करें
  • पानी को 6-12 घंटे कॉपर बॉटल में रखें
  • लेमन, जीरा, विनेगर नहीं डालें
  • गर्म पानी नहीं डालें
  • बॉटल को अच्छी तरह क्लीन करें
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