AC Temperature Side Effects: क्या आप भी 16 या 17 डिग्री पर चलाते हैं एसी? बिजली बिल के साथ बढ़ जाएगा अस्पताल का खर्च, जानें डॉक्टर की चेतावनी

गर्मी से तुरंत राहत पाने के चक्कर में 16 या 17 डिग्री पर एसी चलाना आपकी सेहत और जेब दोनों पर भारी पड़ रहा है. यह आदत न केवल बिजली का बिल बढ़ाती है, बल्कि सर्दी-खांसी, जोड़ों में दर्द और रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स जैसी गंभीर बीमारियों को न्योता देकर आपको अस्पताल पहुंचा सकती है.

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कम टेम्प्रेचर पर एसी चलाने से सेहत को नुकसान होता है. (Photo: ITG) कम टेम्प्रेचर पर एसी चलाने से सेहत को नुकसान होता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST

AC Temperature Side Effects: उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का कहर जारी है. ऐसे में थका देने वाली धूप से घर लौटते ही हर कोई एसी (Air Conditioner) को सबसे कम तापमान यानी 16 या 17 डिग्री पर सेट कर देता है ताकि कमरा तुरंत ठंडा हो जाए. हम सोचते हैं कि इससे हमें जल्दी राहत मिलेगी, लेकिन हकीकत में यह तरीका सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.

दरअसल, इतने कम तापमान पर लगातार एसी चलाना न केवल आपके घर का बिजली बिल रॉकेट की तरह बढ़ाता है, बल्कि आपको बीमार कर अस्पताल के लंबे-चौड़े बिल का भुगतान करने पर भी मजबूर कर देता है. आइए जानते हैं कि यह आदत हमारे शरीर को किस तरह नुकसान पहुंचाती है.

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थर्मल शॉक और इम्युनिटी पर हमला

जब आप बाहर के 40 से 45 डिग्री के झुलसा देने वाले तापमान से सीधे आकर 16 डिग्री वाले एकदम ठंडे कमरे में बैठते हैं तो आपकी बॉडी को एक गंभीर 'थर्मल शॉक' लगता है. अचानक होने वाले इस बड़े टेम्परेचर चेंज को हमारा शरीर आसानी से झेल नहीं पाता. इसके कारण ब्लड वेसल्स अचानक सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन पर बुरा असर पड़ता है.

शरीर की इम्युनिटी होने लगती है. यही वजह है कि ऐसे माहौल में रहने वाले लोगों को बार-बार सर्दी, जुकाम, खांसी और गले में इन्फेक्शन की शिकायत होने लगती है.

जोड़ों का दर्द, मसल्स में अकड़न

लगातार बेहद कम तापमान में बैठने या सोने से शरीर के मसल्स और नसें बुरी तरह प्रभावित होती हैं. 16-17 डिग्री की ठंडी हवा सीधे शरीर पर लगने से जोड़ों में दर्द और मांसपेशियों में अकड़न की समस्या बढ़ जाती है.

खासकर जिन लोगों को पहले से ही आर्थराइटिस या साइनस की शिकायत है, उनके लिए यह स्थिति बेहद दर्दनाक हो सकती है. इसके अलावा ठंडी हवा के कारण सिरदर्द की समस्या भी आम हो जाती है जो धीरे-धीरे माइग्रेन का रूप ले सकती है.

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स्किन और आंखों में सूखापन

कम टेम्परेचर पर चलने वाला एसी कमरे की हवा से पूरी नमी यानी मॉइश्चर को सोख लेता है. हवा ड्राई होने के कारण आपकी स्किन और आंखों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है. लगातार ठंडी और सूखी हवा में रहने से त्वचा में ड्राईनेस और खुजली होने लगती है.

साथ ही आंखों का मॉइश्चर खत्म होने से ड्राई आइज की प्रॉब्लम हो जाती है जिससे आंखों में जलन और रेडनेस की शिकायत शुरू हो जाती है.

क्या है एसी चलाने का सही तरीका?

डॉक्टरों और ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के अनुसार, इंसानी शरीर के लिए 24 से 26 डिग्री का तापमान सबसे बेस्ट और हेल्दी माना जाता है. इस टेम्परेचर पर एसी चलाने से बॉडी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता और कमरे में बेहतर कूलिंग भी बनी रहती है.

सबसे बड़ी बात यह है कि 24 डिग्री पर एसी चलाने से बिजली की खपत भी काफी कम होती है, जिससे आपका बिजली बिल कंट्रोल में रहता है.

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