आपने देखा होगा कि कई धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में बंदर होते हैं, जहां लोग उन्हें चने, मिठाई, आईसक्रीम खिलाते रहते हैं. वृंदावन-मथुरा में तो लोग बंदरों को फ्रूटी खिलाते नजर आते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं बंदरों के प्रति ये प्यार उन्हें बीमार कर देता है. इसी वजह से जयपुर के गलताजी मंदिर में बंदरों को मिठाई खिलाने से उनमें एक गंभीर त्वचा रोग फैल रहा है.
हाल ही में आई रिपोर्ट में पता चला है कि यहां बड़ी संख्या में बंदर हाइपरकेराटोसिस नामक बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें बाल झड़ना, त्वचा का फटना, घावों से खून आना और चलने-फिरने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे में एक्सपर्ट से जानते हैं कि आखिर लोगों की किन आदतों से बंदर बीमार हो रहे हैं. साथ ही जानते हैं कि अगर आप बंदर को कुछ खिलाना चाहते हैं तो उन्हें क्या क्या खिलाना चाहिए.
जयपुर के बंदरों में फैल रहा रोग
बताया जा रहा है कि जयपुर के बंदरों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है और कई बंदरों की सेहत बिगड़ने के कारण वे चल-फिर नहीं पा रहे, कूद नहीं पा रहे और पेड़ पर चढ़ भी नहीं पा रहे हैं. वन अधिकारियों ने बताया कि जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और टीमें संक्रमित जानवरों को पकड़कर इलाज के लिए जयपुर चिड़ियाघर ले जाने की कोशिश कर रही हैं. बताया जा रहा है कि उनकी ये हालत बंदरों को मीठा खिलाने से हुई है.
क्या खाने से बीमार हो रहे बंदर?
वरिष्ठ वन्यजीव पशु चिकित्सक अशोक तंवर ने पीटीआई को बताया कि मंदिर परिसर में मौजूद बंदर हाइपरकेराटोसिस से पीड़ित हैं, जिसका मुख्य कारण मानव खान-पान की आदतों के कारण उनके आहार में आया बदलाव है. मिठाई के अत्यधिक सेवन के कारण यह बीमारी फैल रही है और मंदिर के आसपास रहने वाले बंदरों में इसके अधिकांश मामले देखे गए हैं. इस बीमारी में नमी की कमी से त्वचा सूख जाती है और फट जाती है.
डॉक्टर तनवर ने बताया, 'लोग बंदरों को चना, मक्खन और लड्डू खिलाते हैं. इस तरह के भोजन के नियमित सेवन से एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो जाती हैं.
हालांकि, वरिष्ठ हर्पेटोलॉजिस्ट डॉ. एन.वी. बैजुराज के अनुसार, फ्रूटी का बंदरों की सेहत पर क्या असर होगा, यह उनके गट बैक्टीरिया और आदत पर निर्भर करता है. अगर वे पहले से ऐसी चीजें खाते-पीते रहे हैं, तो असर अलग हो सकता है.
बंदरों को क्या खिलाना चाहिए?
डॉक्टर ने बताया कि अगर बंदरों को उनका प्राकृतिक आहार दिया जाए और उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में रहने दिया जाए, तो वे ज्यादातर मामलों में ठीक हो सकते हैं. वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि बंदर स्वाभाविक रूप से जड़ वाली सब्जियां, फल, सब्जियां और पत्ते खाते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं के कारण लोग अक्सर उन्हें मिठाई और प्रोसेस्ड फूड खिलाते हैं, जिससे उनकी हेल्थ को काफी नुकसान होता है.
क्यों फ्रूटी लेकर चश्मा छोड़ देते हैं?
डॉक्टर के अनुसार, बंदर सिर्फ फ्रूटी के लिए ऐसा नहीं करते. उन्हें कोई भी खाने-पीने की चीज दिखाई जाए तो वे अक्सर हाथ में पकड़ा सामान छोड़ देते हैं. असल में बंदर आपका सामान "वापस" नहीं करते, बल्कि नया खाने का सामान लेने के लिए अपना हाथ खाली करते हैं. जब उनके हाथ में चश्मा या कोई दूसरी चीज होती है और उन्हें खाने की वस्तु दिखाई जाती है, तो वे उसे छोड़कर खाना पकड़ लेते हैं. यदि उनके हाथ में पहले से फ्रूटी हो और उन्हें कोई दूसरी खाने की चीज दिखाई जाए, तो वे फ्रूटी भी छोड़ सकते हैं.
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