15 जुलाई 2006 को सैन फ्रांसिस्को स्थित पॉडकास्टिंग कंपनी ओडियो ने आधिकारिक तौर पर ट्वट्टर, जिसे बाद में बदल कर ट्विटर कर दिया गया, आम जनता के लिए लॉन्च किया. यह अलग- अलग ग्रुप के लिए उसकी शॉर्ट मैसेजिंग सर्विस (एसएमएस) थी. यह ओडियो के मुख्य पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म से अलग एक साइड प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ यह मुफ्त एप्लिकेशन यूजर्स को एक ही नंबर (40404) पर एक टेक्स्ट मैसेज भेजकर दोस्तों के समूह के साथ शॉर्ट स्टेटस अपडेट शेयर करने की सुविधा देता था.
अगले कुछ वर्षों में, जब ट्वटर ट्विटर बन गया, तो यह आसान "माइक्रोब्लॉगिंग" सेवा तेजी से पॉपुलर हुआ और दुनिया के अग्रणी सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म में से एक बन गई. ट्विटर के सह-संस्थापक इवान विलियम्स ने सिलिकॉन वैली की तकनीकी दुनिया में वेब डायरी प्रकाशन सेवा ब्लॉगर की स्थापना करके अपनी पहचान बनाई, जिसे उन्होंने 2003 में गूगल को कई मिलियन डॉलर में बेच दिया.
2005 में विलियम्स ने एक अन्य उद्यमी, नोआ ग्लास के साथ मिलकर ओडियो की सह-स्थापना की. हालांकि, उसी वर्ष ओडियो की मुख्य सेवा की पॉपुलैरिटी कम हो गई, जब ऐप्पल ने आईट्यून्स, जिसमें पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म शामिल था, लॉन्च किया. विलियम्स ने जब 14 कर्मचारियों की टीम से लड़खड़ाते स्टार्टअप के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ विचारों पर मंथन करने को कहा, तो कंपनी के इंजीनियरों में से एक, जैक डोर्सी ने एक ऐसी सर्विस का प्रपोजल दिया, जिसके माध्यम से यूजर एसएमएस द्वारा लोगों के समूहों के साथ अपनी व्यक्तिगत स्थिति के बारे में अपडेट साझा कर सकते थे.
मार्च 2006 तक, उनके पास एक कार्यशील प्रोटोटाइप और एक नाम - ट्वटर - तैयार था, जो आंशिक रूप से पक्षियों की आवाज से प्रेरित था और कुछ अन्य विकल्पों (फ्रेंडस्टॉकर सहित) को अस्वीकार किए जाने के बाद अपनाया गया था. डोर्सी @Jack ने 21 मार्च को पहला ट्वीट just setting up my twttr भेजा.
जुलाई 2006 में जब ट्विटर को सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया, तब यह ओडियो का एक सहायक प्रोजेक्ट था, जबकि कंपनी का मुख्य उत्पाद, पॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म, कहीं भी सफल नहीं हो रहा था. उसी साल पतझड़ में, बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार , विलियम्स ने कंपनी के निवेशकों से हिस्सेदारी खरीद ली और ओडियो का नाम बदलकर ऑब्वियस कॉर्पोरेशन कर दिया और ग्लास को निकाल दिया. ग्लास की ट्विटर के जन्म में भूमिका, जिसमें इसका नाम सुझाना भी शामिल था, कई वर्षों बाद तक सार्वजनिक नहीं हुई थी.
लॉन्च के छह महीने के भीतर ही Twttr, Twitter बन गया. सेवा के सार्वजनिक होने के बाद, इसके संस्थापकों ने संदेशों के लिए 140 अक्षरों की सीमा निर्धारित की, जो उस समय टेक्स्ट संदेशों की अधिकतम लंबाई पर आधारित थी. बाद में इसे बढ़ाकर 280 अक्षर कर दिया गया.
मार्च 2007 में ऑस्टिन, टेक्सास में आयोजित साउथ बाय साउथवेस्ट सम्मेलन में ट्विटर का इस्तेमाल अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया. जब प्रतिदिन 60,000 से अधिक ट्वीट भेजे गए और उसके बाद से इसमें तेजी से वृद्धि हुई. 2013 तक, न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि कंपनी में 2,000 से अधिक कर्मचारी और 2 करोड़ से अधिक सक्रिय यूजर्स थे. उसी नवंबर में, जब कंपनी सार्वजनिक हुई, तो उसका मूल्य 31 अरब डॉलर से थोड़ा अधिक था.
2016 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चुनाव के साथ कंपनी की लोकप्रियता बढ़ी. जिन्होंने अपने पूरे चुनाव अभियान के दौरान ट्विटर पर खुलकर अपनी राय रखी और अपने प्रशासन के दौरान अक्सर नीतिगत निर्णयों या अन्य घोषणाओं को ट्वीट किया.पूर्व राष्ट्रपति को 2021 में हिंसा भड़काने के लिए ट्विटर का उपयोग करने के आरोप में इस सेवा से प्रतिबंधित कर दिया गया था, हालांकि बाद में नए मालिक एलोन मस्क ने उन्हें फिर से बहाल कर दिया.
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