फ्लाइट में पहली बार सफर करने वाले ही नहीं, बल्कि कई पुराने यात्री भी अक्सर एक बात को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं- अगर टिकट पर 25 किलोग्राम बैगेज लिखा है, तो क्या 25 किलो का एक ही बैग ले जाना होगा या दो बैग में सामान बांट सकते हैं? हाल ही में इंडिगो के एक ट्वीट के बाद यह सवाल सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में आ गया.
दरअसल, इंडिगो ने एक्स पर एक यात्री के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि स्टूडेंट फेयर में 25 किलोग्राम का सिर्फ एक चेक-इन बैग शामिल है. अगर यात्री दूसरा चेक-इन बैग लेकर आता है, तो उसके लिए एयरपोर्ट पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा. एयरलाइन के मुताबिक, यह नियम उस यात्री के टिकट और संबंधित रूट पर लागू बैगेज पॉलिसी के अनुसार था.
पहले समझिए, चेक-इन बैग और केबिन बैग में क्या फर्क होता है
अगर आप पहली बार फ्लाइट से यात्रा कर रहे हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बैग दो तरह के होते हैं.केबिन बैग वह होता है, जिसे आप अपने साथ विमान के अंदर ले जाते हैं और अपनी सीट के ऊपर बने केबिन या सामने रख सकते हैं.
चेक-इन बैग वह सामान होता है, जिसे एयरलाइन के काउंटर पर जमा करना पड़ता है. इसके बाद यह विमान के कार्गो होल्ड में रखा जाता है और गंतव्य पर बैगेज बेल्ट से वापस मिलता है.
भारत में अधिकांश एयरलाइंस इकोनॉमी क्लास के यात्रियों को 7 किलोग्राम तक का एक केबिन बैग ले जाने की अनुमति देती हैं. कई एयरलाइंस इसके अलावा एक छोटा लैपटॉप बैग या पर्सनल आइटम भी साथ रखने देती हैं. (स्रोत: एयर इंडिया बैगेज गाइडलाइन, इंडिगो बैगेज पॉलिसी और BCAS दिशा-निर्देश)
घरेलू फ्लाइट में कितना सामान ले जा सकते हैं?
घरेलू उड़ानों में बैगेज की सीमा सभी एयरलाइंस में एक जैसी नहीं होती. यह आपके टिकट और एयरलाइन पर निर्भर करती है.
एअर इंडिया की आधिकारिक बैगेज पॉलिसी के मुताबिक, घरेलू इकोनॉमी टिकट में मुफ्त चेक-इन बैगेज टिकट के प्रकार के अनुसार 15 किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक हो सकता है. स्टूडेंट फेयर में कई घरेलू रूट पर 25 किलोग्राम तक का चेक-इन बैगेज मिलता है. हालांकि, किसी भी एक बैग का वजन 32 किलोग्राम से अधिक नहीं हो सकता. ये जानकारी एअर इंडिया चेक-इन बैगेज अलाउंस और स्टूडेंट फेयर पॉलिसी के अनुसार है.
इंडिगो
इंडिगो की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सामान्य घरेलू टिकट पर यात्रियों को 15 किलोग्राम तक का मुफ्त चेक-इन बैगेज मिलता है. इसके अलावा 7 किलोग्राम का एक केबिन बैग और एक छोटा पर्सनल आइटम, जैसे लैपटॉप बैग या हैंडबैग, साथ ले जाने की अनुमति होती है.
सबसे बड़ा सवाल- 25 किलो को दो बैग में बांट सकते हैं या नहीं?
यहीं सबसे ज्यादा लोग भ्रमित हो जाते हैं.दरअसल, हर फ्लाइट में सिर्फ वजन ही नहीं देखा जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि आपके टिकट पर वेट कॉन्सेप्ट (वजन आधारित नियम) लागू है या पीस कॉन्सेप्ट (बैगों की संख्या आधारित नियम).
अगर टिकट वेट कॉन्सेप्ट पर है, तो कुल वजन महत्वपूर्ण होता है. यानी आपके टिकट में जितना वजन लिखा है, उसी सीमा के भीतर सामान होना चाहिए. कुछ रूट पर एयरलाइन कुल वजन की सीमा के अंदर एक से अधिक बैग की अनुमति भी दे सकती है.
वहीं पीस कॉन्सेप्ट में पहले से तय होता है कि आप कितने चेक-इन बैग ले जा सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर टिकट पर एक पीस (1PC) लिखा है तो सिर्फ एक चेक-इन बैग ले जा सकते हैं. वहीं दो पीस (2PC) लिखा होने पर दो चेक-इन बैग ले जाने की अनुमति होती है. इसलिए सिर्फ कुल वजन देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि कितने बैग ले जा सकते हैं. ये जानकारी एयर इंडिया इंटरनेशनल बैगेज गाइडलाइन के मुताबिक है.
इंटरनेशनल फ्लाइट में क्या नियम हैं?
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बैगेज नियम घरेलू फ्लाइट से अलग हो सकते हैं.एयर इंडिया के मुताबिक, कई रूट पर वेट कॉन्सेप्ट लागू होता है, जहां कुल वजन (जैसे 25, 30 या 35 किलोग्राम) मायने रखता है.
वहीं अमेरिका, कनाडा और कुछ अन्य देशों के लिए उड़ानों में पीस कॉन्सेप्ट लागू होता है. यहां टिकट पर साफ लिखा होता है कि यात्री एक बैग (1PC), दो बैग (2PC) या उससे अधिक ले जा सकता है. उदाहरण के तौर पर कई इकोनॉमी टिकट में 23-23 किलोग्राम के दो चेक-इन बैग की अनुमति दी जाती है. ये जानकारी एयर इंडिया इंटरनेशनल बैगेज पॉलिसी के अनुसार है.
एयरपोर्ट जाने से पहले ये एक काम जरूर करें
अगर आप अतिरिक्त बैगेज शुल्क से बचना चाहते हैं, तो सिर्फ यह देखकर खुश न हों कि आपके टिकट में 15, 20 या 25 किलोग्राम मुफ्त बैगेज लिखा है. टिकट पर यह भी जरूर देखें कि वहां वेट कॉन्सेप्ट लिखा है या पीस कॉन्सेप्ट. साथ ही, जिस एयरलाइन से यात्रा कर रहे हैं, उसकी आधिकारिक बैगेज पॉलिसी जरूर पढ़ लें. इससे एयरपोर्ट पर आखिरी समय में अतिरिक्त शुल्क देने या सामान निकालने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है.
ये जानकारी एयर इंडिया चेक-इन बैगेज गाइडलाइन, एयर इंडिया स्टूडेंट फेयर पॉलिसी, एयर इंडिया इंटरनेशनल बैगेज पॉलिसी, इंडिगो बैगेज अलाउंस और BCAS (ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी) के केबिन बैगेज दिशा-निर्देश के मुताबिक है.
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