उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शहर को झकझोर कर रख दिया. शहर की सबसे व्यस्त माल रोड पर जल संस्थान का एक बेकाबू ट्रक भीड़ की तरफ बढ़ गया और दिल्ली से घूमने आई दो महिला पर्यटक उसकी चपेट में आ गईं. हादसे में दोनों महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है.
दरअसल, यह हादसा मल्लीताल स्थित पुराने घोड़ा स्टैंड के पास मंगलवार को हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक पहले सड़क किनारे खड़ी एक वैन से टकराया और उसके बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका. देखते ही देखते ट्रक पैदल चल रहे लोगों की ओर बढ़ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
घटना में घायल महिलाओं की पहचान दिल्ली निवासी रितु डांग (42) और भारवी (20) के रूप में हुई है. हादसे में रितु डांग का हाथ और भारवी का पैर ट्रक के पहिए के नीचे आ गया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं. दोनों को पहले बीडी पांडे अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.
हादसे के बाद फूटा लोगों का गुस्सा
घटना के बाद माल रोड पर स्थानीय लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने इस हादसे के लिए अवैध पार्किंग और प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना है कि माल रोड पर लंबे समय से सड़क किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग की जा रही है, जिससे पैदल चलने वालों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के दोनों तरफ खड़े वाहनों के कारण पर्यटकों और नागरिकों को सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है. ऐसे में किसी भी बड़े वाहन के अनियंत्रित होने पर गंभीर हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है.
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अवैध पार्किंग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. यही लापरवाही अब एक बड़े हादसे का कारण बनी है.
व्यापारियों ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि पूरे शहर में अवैध पार्किंग की समस्या विकराल रूप ले चुकी है. इसका सीधा असर स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि शहर में पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है. कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था.
दिग्विजय बिष्ट ने स्पष्ट तौर पर पुलिस प्रशासन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई जाती तो आज दो पर्यटक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष नहीं कर रहे होते.
'पहले ही दी थी चेतावनी'
नैना देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने कहा कि पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले हुई बैठकों में व्यापार मंडल ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के सामने अवैध पार्किंग का मुद्दा कई बार उठाया था.
उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि माल रोड पर पर्यटकों का सुरक्षित आवागमन मुश्किल होता जा रहा है. लेकिन संबंधित विभागों ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया. अब जब बड़ा हादसा हो गया है, तब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
पुनीत टंडन ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम उठाए होते तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी. उन्होंने माल रोड और अन्य व्यस्त क्षेत्रों में तत्काल ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत करने की मांग की.
दोबारा हादसा न हो, इसकी मांग
उत्तराखंड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण शर्मा ने भी घटना पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि माल रोड पर लगातार हो रही अवैध पार्किंग इस दुर्घटना का प्रमुख कारण है.
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तत्काल प्रभाव से अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए.
प्रवीण शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति हो सकती है, जिससे नैनीताल की पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुंचेगा.
सवालों के घेरे में प्रशासन
नैनीताल की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पर्यटन सीजन के दौरान यहां रोजाना हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को केवल हादसों के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए. खासकर उन इलाकों में जहां पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है.
अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. देखना होगा कि दो जिंदगियों को गंभीर रूप से घायल कर देने वाले इस हादसे के बाद अवैध पार्किंग और यातायात अव्यवस्था के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी केवल बैठकों और आश्वासनों तक सीमित रह जाता है.
लीला सिंह बिष्ट