'हिम्मत पहले भी थी, अब चार गुना और बढ़ गई', राहुल गांधी से मिलकर बोले कोटद्वार वाले मोहम्मद दीपक

उत्तराखंड के कोटद्वार के जिम संचालक मोहम्मद दीपक एक वायरल वीडियो के बाद चर्चा में हैं. उनके समर्थन में राहुल गांधी उनसे मिले और एकता का संदेश दिया. दीपक ने कहा कि उनकी हिम्मत अब चार गुना बढ़ गई है. विवाद के बाद उनके जिम के सदस्य 150 से घटकर 12-15 रह गए, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ा. सुप्रीम कोर्ट के कुछ वकीलों ने सदस्यता लेकर समर्थन दिया. दीपक का कहना है कि वह सिर्फ अपना काम करना चाहते हैं.

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राहुल गांधी से मिले मोहम्मद दीपक. Photo ITG राहुल गांधी से मिले मोहम्मद दीपक. Photo ITG

aajtak.in

  • कोटद्वार,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम संचालक दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक सुर्खियों में हैं. हाल में वायरल हुए एक वीडियो के बाद विवादों में आए दीपक के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनसे मिलने पहुंचे. मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा कि उत्तराखंड के भाई 'मोहम्मद दीपक' से मिलकर अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि देश के हर युवा में एकता और साहस की यही भावना होनी चाहिए, हर इंसान बराबर है, यही भारतीयता की असली पहचान है. वहीं राहुल गांधी से मिलने के बाद दीपक कुमार ने कहा, 'मेरे पास हिम्मत पहले से थी, लेकिन अब चार गुना और बढ़ गई है.'

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मोहम्मद दीपक ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी का फोन आना और उनसे मिलना इस बात का संकेत है कि किसी ने उनकी बात को समझा. दीपक ने कहा कि उन्होंने हमेशा सही के लिए आवाज उठाई है, किसी गलत मकसद से नहीं. आज लगा कि मैंने सही काम के लिए आवाज उठाई.

कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, 26 जनवरी को कोटद्वार के एक बाजार में हुई कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था. वीडियो में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार पर दुकान के नाम से 'बाबा' शब्द हटाने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई. इसी दौरान दीपक ने कथित तौर पर इसका विरोध किया. बहस के बीच जब उनसे उनका नाम पूछा गया तो उन्होंने खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताया. यही बयान बाद में चर्चा का केंद्र बन गया. कुछ लोगों ने इसे सामाजिक सद्भाव का संदेश माना, जबकि कुछ संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई. देखते ही देखते मामला स्थानीय सीमा से निकलकर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया.

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31 जनवरी के बाद बदली स्थिति
दीपक के अनुसार, 31 जनवरी को कुछ संगठनों के लोग उनके जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे. हालांकि पुलिस ने हालात संभाल लिए, लेकिन इसके बाद माहौल बदल गया. उन्होंने बताया कि पहले उनके जिम में रोज करीब 150 सदस्य आते थे, जो अब घटकर सिर्फ 12-15 रह गए हैं. कई पुराने सदस्य फोन कर कह रहे हैं कि स्थिति सामान्य होने पर ही वापस आएंगे.

आर्थिक दबाव बढ़ा
दीपक का जिम किराए की इमारत की दूसरी मंजिल पर चलता है, जिसका मासिक किराया 40 हजार रुपये है. इसके अलावा छह महीने पहले बनाए गए घर की 16 हजार रुपये की ईएमआई भी देनी पड़ती है. उनका कहना है कि जिम ही परिवार की एकमात्र आय का साधन है और सदस्यों की संख्या घटने से आमदनी पर सीधा असर पड़ा है. उन्होंने कहा, 'मशीनें चलती हैं तो घर चलता है.' विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के करीब 12 वरिष्ठ वकीलों ने उनके जिम की एक साल की सदस्यता लेकर समर्थन जताया, जिसे उन्होंने मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया.

परिवार भी प्रभावित
पूरे विवाद का असर दीपक के परिवार पर भी पड़ा. उनके मुताबिक, तनाव के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई थी और उनकी बेटी ने कुछ दिनों तक स्कूल जाना बंद कर दिया था. हालांकि अब वह फिर से स्कूल जाने लगी है. दीपक कहते हैं कि वह किसी विवाद में पड़ना नहीं चाहते, उनका मकसद सिर्फ अपना जिम चलाना और परिवार का पालन-पोषण करना है.

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