समर्थन जुटाने के लिए शांति कुंज पहुंचे अमित शाह, धर्मगुरुओं से की मुलाकात

शांतिकुंज प्रमुख पंड्या और शैल दीदी के साथ लगभग आधा घंटे चली वार्ता में बीजेपी अध्यक्ष ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में पार्टी के लिए समर्थन मांगा. उन्होंने निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज से भी एकांत वार्ता कर पार्टी के लिए समर्थन और सहयोग मांगा.

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शांतिकुंज में अमित शाह शांतिकुंज में अमित शाह

अनुग्रह मिश्रा

  • देहरादून,
  • 24 जून 2018,
  • अपडेटेड 5:09 PM IST

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को हरिद्वार में पार्टी के 'संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत गायत्री पीठ शांतिकुंज के प्रमुख प्रणव पंड्या और भारत माता मंदिर के प्रमुख स्वामी सत्यमित्रानंद से मुलाकात कर उनसे अगले साल होने वाले आम चुनावों के लिए समर्थन मांगा.

उत्तराखंड के एक दिवसीय दौरे के पहले चरण में हरिद्वार पहुंचे शाह ने दोनों आध्यात्मिक संगठनों के प्रमुखों से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की चार साल की उपलब्धियों की चर्चा कर उन्हें जन-जन तक पहुंचाने की भी अपील की. अपने तय कार्यक्रम से करीब डेढ घंटा विलंब से शांतिकुंज पहुंचे शाह ने पहले के दर्शन किये. बीजेपी अध्यक्ष शाह के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पार्टी महासचिव सरोज पांडे, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी मौजूद रहे.

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बाद में शांतिकुंज प्रमुख पंड्या और शैल दीदी के साथ लगभग आधा घंटे चली वार्ता में बीजेपी अध्यक्ष ने 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में पार्टी के लिए समर्थन मांगा. उन्होंने निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज से भी एकांत वार्ता कर पार्टी के लिए समर्थन और सहयोग मांगा.

हरिद्वार की दोनों प्रमुख संस्थाओं के देश भर में करोड़ों अनुयायी हैं. विश्व हिन्दू परिषद और बीजेपी के करीबी माने जाने वाले भारत माता मंदिर के संत सत्यमित्रानंद का भी देश भर और खास तौर से है.

दोनों आध्यात्मिक संगठनों के प्रमुखों से मुलाकात के बारे में बीजेपी अध्यक्ष शाह ने कुछ नहीं कहा, जबकि पार्टी ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया. हालांकि, मुलाकात के बाद शांतिकुंज प्रमुख पंड्या ने मोदी सरकार के सुशासन की तारीफ की और कहा कि केंद्र सरकार की जनहित की कुछ योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में शांतिकुंज अपनी भूमिका का निर्वहन करेगा.

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एक सवाल के जवाब में उन्होंने साफ किया कि शांतिकुंज बीजेपी के पक्ष में सीधे-सीधे समर्थन या वोट देने की घोषणा नहीं करेगा. केंद्र सरकार की गंगा स्वच्छता अभियान के तहत 'नमामि गंगे' योजना और शांतिकुंज के गंगा स्वच्छता अभियान के बीच फर्क के सवाल पर उन्होंने कहा कि शांतिकुंज ने जनजागरण के माध्यम से नमामि गंगे से अधिक प्रभावी रूप से काम किया है.

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