बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच लगातार जारी है. बुधवार को भी एसआईटी ने कई लोगों से पूछताछ की. इसी कड़ी में जेपी कंपनी के एक कर्मचारी और बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक पूर्व कर्मचारी को पूछताछ के लिए बुलाया गया. चोरी का मामला सामने आने के बाद समिति ने जांच के आदेश दिए थे.
मिली जानकारी के अनुसार, जेपी कंपनी का कर्मचारी मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है. वह बद्रीनाथ में कंपनी की ओर से अलकनंदा नदी के जलस्तर की निगरानी का काम करता है. बताया जा रहा है कि वह बद्रीनाथ मंदिर में निःशुल्क सेवा के नाम पर भी मौजूद रहता था.
सिक्कों की गिनती करता था
जानकारी के मुताबिक, मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान भी वह मौजूद रहता था और सिक्कों की गिनती करता था. बताया जा रहा है कि चढ़ावे में शामिल सोना-चांदी भी सिक्कों की गिनती के दौरान सामने आता है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी प्रक्रिया के दौरान यह मामला संज्ञान में आया. हालांकि, वह एक दिन की गिनती में दिखाई नहीं दिया, लेकिन अन्य दिनों की गिनती के दौरान उसकी मौजूदगी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है.
कैसे हुआ था मामले का खुलासा
सोशल मीडिया के जरिए चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आने के बाद बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे. बीकेटीसी ने कहा था कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. इस मामले की शुरुआत हिंदूवादी संगठन भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री की एक शिकायत से हुई थी. उन्होंने यह शिकायत पत्र बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ को लिखा था.
कमल नयन सिलोड़ी