बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सियासत और तेज हो गई है. बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी, लेकिन तय जगह पर खुद नहीं पहुंचे. इसके बाद गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर कई सवाल उठाए. साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई.
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद हेमंत द्विवेदी और गणेश गोदियाल के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. एक तरफ गणेश गोदियाल, हेमंत द्विवेदी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ हेमंत द्विवेदी, गोदियाल से 2012 से 2017 तक BKTC अध्यक्ष रहने के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं.
दरअसल, हेमंत द्विवेदी ने सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी. चुनौती स्वीकार करते हुए गणेश गोदियाल तय समय पर प्रेस क्लब पहुंचे, लेकिन हेमंत द्विवेदी वहां नहीं पहुंचे. इसके बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए उन पर निशाना साधा.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए कई सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में एक समिति बनाकर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए, ताकि सभी तथ्यों की सच्चाई सामने आ सके. इस दौरान, गोदियाल ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उनका कहना था कि अगर किसी के पास सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए.
प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
गोदियाल ने चढ़ावा चोरी मामले में के आरोपी प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए. उनके मुताबिक, प्रमोद की नियुक्ति का प्रस्ताव वर्ष 2010 में समिति के बोर्ड के सामने आया था. अगर उस समय कोई गड़बड़ी थी तो भाजपा ने उसे तब क्यों नहीं रोका. इस दरौन उन्होंने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में हुए सभी निर्माण कार्य बोर्ड की मंजूरी के बाद ही किए गए थे. इसलिए उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं.
गोदियाल ने भाजपा सरकार से भी सवाल किया. उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों से राज्य में भाजपा की सरकार है. अगर उनके कार्यकाल में कोई अनियमितता हुई थी तो अब तक उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई. उन्होंने कहा कि सरकार को आरोप लगाने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए.
अंकित शर्मा