शिवपाल का दावा- दोनों सीटें जीतेंगे, अगर टूटेंगे तो BJP के विधायक

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है. सत्ता पक्ष बीजेपी और विपक्ष के बीच कांटे का मुकाबला है. दोनों एक दूसरे के विधायकों में सेंधमारी करने की जुगत में हैं. सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव विपक्ष की ओर से एक्टिव हैं.

Advertisement
अखिलेश यादव और शिवपाल यादव अखिलेश यादव और शिवपाल यादव

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 23 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है. सत्ता पक्ष बीजेपी और विपक्ष के बीच कांटे का मुकाबला है. दोनों एक दूसरे के विधायकों में सेंधमारी करने की जुगत में हैं. सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव विपक्ष की ओर से एक्टिव हैं. राज्यसभा चुनाव के मतदान से पहले शिवपाल ने कहा कि हम दोनों राज्यसभा सीटें जीतेंगे. इसमें कोई संशय नहीं है. क्रॉस-वोटिंग सिर्फ हमारी तरफ से नहीं होगी बल्कि बीजेपी की तरफ से भी हो सकती है.

Advertisement

शिवपाल ने कहा कि हमारा परिवार पहले भी एक था, अब भी एक है. हमारे अंदर कोई टूट नहीं है. सभी परिवारों में झगड़े होते हैं. इसका मतलब पार्टी में टूट थोड़े होता है. उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों के विधायकों से हमारे संबंध हैं. यह जरूर है कि 2 विधायक हमसे मिलने आए थे. इनमें निर्दलीय विधायक अमन मणि और निषाद पार्टी के MLA विजय मिश्रा हमसे मिले हैं. वो हमारे करीबी हैं, लेकिन हमारी पार्टी के नहीं है.

शिवपाल ने कहा कि मैं के बारे में पूरे यकीन से कह सकता हूं कि एक भी विधायक नहीं टूटेगा. लेकिन क्रॉस वोटिंग अगर होती है तो एक तरफ से नहीं होगी. अगर हमारी तरफ से हुई तो दूसरी तरफ से भी होगी.

BSP को झटका, अनिल सिंह के साथ 2 और MLA बीजेपी के संपर्क में

Advertisement

चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर आई. बसपा विधायक अनिल सिंह ने गुरुवार को बीजेपी विधायकों से मुलाकात की. अनिल सिंह के अलावा दो और बीएसपी विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. माना जा रहा है देर रात हुए खेल में बहुजन समाज पार्टी के बलिया और आजमगढ़ के विधायक भी बीजेपी से संपर्क में हैं.

मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में अनिल सिंह को भी देखा गया था. साफ है कि चुनावों में क्रॉस वोटिंग हो सकती है. अनिल सिंह उन्नाव के पुरवा विधानसभा से विधायक हैं. अनिल सिंह उन्नाव के पूर्वा से विधायक हैं. पहले भी बीजेपी के करीब रहे हैं. बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर बीएसपी से चुनाव लड़े और जीते.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »