बाराबंकी: FCI का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर युवक से ठगे 3.5 लाख रुपये, दो आरोपी गिरफ्तार

यूपी के बाराबंकी में पुलिस ने एफसीआई (FCI) में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर लाखों रुपये हड़पने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर भेज दिया है. इन दोनों ने भानु प्रताप नाम के एक शख्स को अपने जाल में फंसाया. फिर उसे एफसीआई में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए.

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पुलिस गिरफ्त में आरोपी. पुलिस गिरफ्त में आरोपी.

सैयद रेहान मुस्तफ़ा

  • बाराबंकी,
  • 08 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:12 AM IST

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. ठगों ने युवक को एफसीआई (FCI) में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे साढ़े तीन लाख रुपये ठग लिए. पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि, इस मामले के मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस के मुताबिक, गिरोह के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इस तरह के और भी कई ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है.

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नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले इस गिरोह का खुलासा बाराबंकी की देवा थाना पुलिस ने किया है. यह गिरोह बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर पहले बहलाता-फुसलाता था. फिर उससे लाखों की रकम ऐंठ लेता था.

एक बाराबंकी तो दूसरा कानपुर का
देवा थाने की पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों में बाराबंकी का रहने वाला उदय भान वर्मा और कानपुर का आलोक कुमार श्रीवास्तव शामिल हैं. इन दोनों ने भानु प्रताप नाम के एक शख्स को अपने जाल में फंसाया और फिर उसे एफसीआई में नौकरी दिलाने का झांसा दिया.

पांच लाख रुपए की रखी डिमांड
इसके लिए उसके सामने पांच लाख रुपये की डिमांड रखी. इतना ही नहीं इन लोगों ने भानु प्रताप को एक फर्जी नियुक्ति पत्र देकर उससे साढ़े तीन लाख रुपये भी ले लिए. आरोपी भानु प्रताप से बाकी की रकम लेने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले पुलिस ने इन दोनों को दबोच लिया. साथ ही नियुक्ति पत्र भी बरामद कर लिया.

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कानपुर का मास्टरमाइंड फरार
बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अखिलेश नारायन सिंह ने बताया, " इस मामले के सामने आते ही देवा थाने के प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने तत्काल छापेमारी शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरोह का मास्टरमाइंड कानपुर का रहने वाला है, जो अभी पुलिस की पकड़ से दूर है. पुलिस की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है. पुलिस के मुताबिक, गिरोह के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इस तरह के और भी कई ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है."

 

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