सेना को शौर्य दिखाने की हरी झंडी, पीएम मोदी सार्क में हिस्सा लेने नहीं जाएंगे PAK

कश्मीर के उरी में रविवार तड़के हुए आतंकी हमले के बाद की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान पर नकेल कसने के लिए दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आगे की रणनीति तय करते हुए सेना को मुंहतोड़ जवाब देने को कहा है. इतना ही नहीं घाटी में रुके आतंक विरोधी अभियानों को फिर से शुरू करने का भी आदेश दिया है.

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पीएम मोदी पीएम मोदी

सबा नाज़ / रीमा पाराशर

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 12:12 AM IST

कश्मीर के उरी में रविवार तड़के हुए आतंकी हमले के बाद की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान पर नकेल कसने के लिए दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आगे की रणनीति तय करते हुए सेना को मुंहतोड़ जवाब देने को कहा है. इतना ही नहीं घाटी में रुके आतंक विरोधी अभियानों को फिर से शुरू करने का भी आदेश दिया है.

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उरी हमले पर मोदी का पंच
1. प्रधानमंत्री सार्क यानी दक्षेस की बैठक में नहीं जाएंगे पाकिस्तान.

2. 26 सितंबर को सयुंक्त राष्ट्र में अपने भाषण में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के असली रूप को लेकर अपनी बात सामने रखेंगी.

3. राजनयिक रूप से पाकिस्तान को अलग थलग करने के लिए भारत व्यापक अभियान शुरू करेगा. उरी हमलावरों के पास से बरामद पाकिस्तानी सबूतों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखा जायेगा.

4. सेना को पाकिस्तान को जवाब देने के लिए राजनितिक मंज़ूरी दे दी गई है, हालांकि इसके प्रतिउत्तर में संभावित पाकिस्तानी प्रतिक्रिया को लेकर तैयारी के निर्देश भी दिए गए हैं.

5. कश्मीर घाटी में बुरहान वानी के मरे जाने के बाद पैदा हालात में 'होल्ड' पर डाले गए आतंक विरोधी अभियानों को पुनः शुरू किए जाने को हरी झंडी दे दी गई है.

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अब बातचीत नहीं सिर्फ और सिर्फ कार्रवाई
उरी के आतंकी हमले ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ मोदी सरकार का संयम खत्म कर दिया है. की इस करतूत के बाद जिस तरह की प्रतिक्रिया पाकिस्तान की तरफ से आई है, उसके बाद भारत अब सख्त संदेश देने के लिए पूरा मन बना चुका है. पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने के लिए कई ऐतिहासिक पहल कर चुके पीएम मोदी अब ज़रा भी मुरव्वत के मूड में नहीं हैं. एक गंभीर और ज़िम्मेदार मुल्क होने के नाते झटके में कोई क़दम तो भारत नहीं उठाएगा, लेकिन यह तय है कि इस दफ़ा जवानों की कुर्बानी जाया नहीं होने दी जाएगी.

बैठकों का दौर जारी
जम्मू कश्मीर के उरी में आर्मी बेस पर हमले के बाद प्रतिउत्तर की रणनीति को लेकर बैठकों का दौर जारी है. सुबह केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ की अगुवाई में नॉर्थ ब्लाक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, पीएमओ में मंत्री जितेंद्र सिंह, एनएसए चीफ अजित डोभाल, सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग, डीजीएमओ रणबीर सिंह, आईबी प्रमुख दिनेश्वर शर्मा, और आरएडब्ल्यू चीफ राजेंद्र खन्ना के साथ उच्चस्तरीय बैठक हुई.

बैठक में पीएम मोदी का रुख बेहद सख्त
इसके तुरंत बाद के सात रेसकोर्स पर यही सब मंत्री और सम्बंधित अधिकारी पहुंचे. वित्त मंत्री अरुण जेटली भी इस बैठक में शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक सेनाध्यक्ष दलबीर सुहाग इस बैठक में खासे मुखर थे. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर हमने इसका जवाब नहीं दिया तो सेना के मनोबल पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा. सूत्रों के मुताबिक पूरी बैठक के दौरान पीएम मोदी का रुख बेहद सख्त था.

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घाटी में आतंकी ठिकानों का होगा सफाया
जाहिर है, पाकिस्तान के इस दुस्साहस को लेकर सरकार का रवैया बेहद कठोर है, लेकिन सरकार इस पर बयानबाज़ी से दूर रहना चाह रही है. इस मामले पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा 'ज्यादा बयानबाजी ठीक नहीं है.' जबकि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोषियों को न बख्शने की बात पहले ही कह चुके हैं. अब कश्मीर में रुके आपरेशन भी तेज किए जाएंगे. सेना और अर्धसैनिक बलों से साफ कहा गया है कि सभी आतंकी ठिकाने घाटी में साफ किए जाएं. साथ ही थानों या मंत्रियों के घरों से लूटी गई एक-एक राइफ़ल भी बरामद की जाए.

केंद्रीय गृह सचिव जाएंगे कश्मीर
वहीं हमले के बाद की स्तिथियों और घाटी में चल रही अशांति को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि कश्मीर जाएंगे. वे वहां राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और राज्यपाल एनएन वोहरा से भी मुलाकात करेंगे. महर्षि राज्य सरकार के अधिकारियों, सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें करेंगे.

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