जब विपक्षी नेताओं ने संसद में दागे आंसू गैस के गोले, देखें VIDEO

विपक्षी सांसदों ने सीट के नीचे से आंसू गैस के गोले निकालकर दूसरी ओर फेंकना शुरू कर दिया. गोले छूटते ही पूरा हॉल धुएं से भर उठा. संसद में अफरा-तफरा मच गई और सांसद मुंह ढककर भागते नजर आए.

Advertisement
संसद के अंदर का नजारा संसद के अंदर का नजारा

अनुग्रह मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

दुनियाभर के देशों की संसद में विपक्षी दलों का हंगामा तो आम बात है लेकिन संसद भवन में वोटिंग रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े जाएं तो यह चौंकाने वाली घटना हो जाती है. कोसावो की संसद में बुधवार को कुछ ऐसी ही घटना घटी, जहां एकाएक हॉल के अंदर धुएं के गुबार उठने लगे.

दरअसल यहां की संसद में मोंटेनेगरो के साथ सीमा समझौते के मुद्दे पर वोटिंग होनी थी, तभी विपक्षी सांसदों ने सीट के नीचे से आंसू गैस के गोले निकालकर दूसरी ओर फेंकना शुरू कर दिया. गोले छूटते ही पूरा हॉल धुएं से भर उठा. संसद में और सांसद मुंह ढककर भागते नजर आए. इसे देखते हुए संसद की कार्यवाही को बीच में ही रोकना पड़ा.

Advertisement

विपक्ष का आरोप है कि मोंटेनेगरो के साथ हुए सीमा समझौते में कोसोवो को 8200 हेक्टेयर जमीन का नुकसान हो रहा है, इसी वजह से विपक्ष सदन में इस मुद्दे पर वोटिंग नहीं होने दे रहा. हालांकि सरकार समझौते के फैसले के साथ है. कोसोवो और मोंटेनेगरो के बीच 2015 में यूरोपियन यूनियन की शर्तों के तहत समझौता हुआ था.

देखें वीडियो:

संसद में 2015 के इस समझौते को बरकरार रखने के लिए 120 सदस्यों वाली संसद के दो-तिहाई मतों का समर्थन जरूरी है. लेकिन विपक्षी दल ने इसके खिलाफ आंदोलन चला रखा है. कोसोवा में अमेरिकी राजदूत ग्रेग डेलवि ने संसद में हुई इस करते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडे के तौर पर हिंसा का इस्तेमाल कतई नहीं होना चाहिए.

कोसोवो में संसद के लिए ऐसा नजारा नया नहीं है. इससे पहले भी यहां की संसद में मिर्च पाउडर फेंका गया था. देश के आंतरिक मुद्दों के लेकर पहले भी विपक्षी दल संसद के भीतर उग्र विरोध जता चुके हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement