राजीव गांधी की हत्या की दोषी ने संयुक्त राष्ट्र से लगाई रिहाई की गुहार

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी मुरुगन ने अपनी रिहाई के लिए अब संयुक्त राष्ट्र से गुहार लगाई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को लिखी छह पन्नों की अपनी चिट्ठी में नलिनी ने आयोग से भारत सरकार को उसे रिहा करने का निर्देश देने की मांग की है

Advertisement
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को हत्या कर दी गई थी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को हत्या कर दी गई थी

साद बिन उमर

  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी मुरुगन ने अपनी रिहाई के लिए अब संयुक्त राष्ट्र से गुहार लगाई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग को लिखी छह पन्नों की अपनी चिट्ठी में नलिनी ने आयोग से भारत सरकार को उसे रिहा करने का निर्देश देने की मांग की है.

नलिनी ने इस चिट्ठी में लिखा है कि वह और मामले के छह अन्य दोषी जेल में उम्र कैद से ज्यादा की सज़ा काट चुके हैं. उसने लिखा है कि यहां कई विशेष योजनाएं हैं, जिसके तहत उसे रिहा किया जा सकता है, लेकिन राज्य सरकार ने यह साफ कर रखा है कि चूंकि उसके मामले की जांच सीबीआई ने की थी, इसलिए उसे राज्य की किसी योजना के तहत रिहा नहीं किया जाएगा.

Advertisement


अपनी चिट्ठी में नलिनी ने साथ ही लिखा है, ' की हत्या के मामले में दोषी करार दिए जाने का हवाला देकर मुझे जेल से रिहाई के उन नियमों के लाभ से वंचित रखा गया, जो कि देश में उम्र कैद की सजा भुगत रहे अन्य दोषियों को मिलता है.'

नलिनी ने कहा कि उसे इस तरह से जेल में बंद रखना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन और केंद्र व तमिलनाडु सरकार की नाकामी है. चिट्ठी के अंत में उसने आयोग ने गुजारिश की है कि भारतीय जेल में सबसे ज्यादा वक्त से बंद महिला कैदी होने की बात को ध्यान में रखते हुए वह केंद्र को अनुच्छेद 72 के अंतर्गत उसे रिहा करने को कहे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »