मोदी को रोकने के लिए मायावती या ममता को भी PM बनाने से नहीं हिचकेगी कांग्रेस!

दरअसल कांग्रेस किसी भी कीमत पर महागठबंधन में बिखराव नहीं चाहती है. वैसे तो कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी के तमाम नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को महागठबंधन का नेतृत्व सौंपने की बात कही थी.

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कांग्रेस की नई चाल कांग्रेस की नई चाल

अमित कुमार दुबे / मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 24 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 6:12 AM IST

कांग्रेस 2019 में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से दूर रखने के लिए अभी से प्लान में जुट गई है. पार्टी सूत्रों की मानें तो बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस मायावती या फिर ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार कर समर्थन दे सकती है. लेकिन ऐसी स्थिति तब आएगी जब कांग्रेस को उम्मीद से कम सीटें मिलेंगी.

दरअसल कांग्रेस किसी भी कीमत पर महागठबंधन में बिखराव नहीं चाहती है. वैसे तो कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी के तमाम नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को महागठबंधन का नेतृत्व सौंपने की बात कही थी. जिसके तुरंत बाद जेडीएस का बयान आया कि उसे राहुल गांधी के नेतृत्व से कोई दिक्कत नहीं है.

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लेकिन बिहार से मंगलवार से विरोध की आवाज आई. आरजेडी नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी अकेले पीएम पद की दौड़ में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल एक साथ बैठेंगे और प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के नाम पर फैसला करेंगे.

वहीं बुधवार को मायावती ने कांग्रेस को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में गठबंधन तभी संभव है, जब उनकी पार्टी को सम्मानजनक सीटें मिलेंगी. अगर इस समझौते में सम्मानजनक सीटें नहीं मिलती हैं तो भी उनकी पार्टी अकेले लड़ने को पूरी तरह तैयार है.

गौरतलब है कि कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के बाद कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी को 2019 के लिए पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है. बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'कांग्रेस का निर्णय सटीक, सपाट और स्पष्ट है. राहुल गांधी हमारा चेहरा हैं. हम उनके नेतृत्व में जनता के बीच जाएंगे. जब हम सबसे बड़ा दल होंगे तो स्वाभाविक रूप से वही चेहरा होंगे. इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं है.'

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लेकिन यूपीए में कांग्रेस के सहयोगी दल राहुल के नेतृत्व को लेकर हिचक रहे हैं. राहुल की पीएम पद की दावेदारी पर जेडीएस को छोड़कर कोई दल राजी नहीं दिख रहा है. ममता बनर्जी ने इसपर बोलने से इनकार कर दिया है. जबकि बसपा नेताओं ने पहले ही मायावती को गठबंधन का पीएम चेहरा बनाने का फैसला किया है. राहुल के नाम पर बसपा नेता कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, वो कहते हैं कि इस पर मायावती फैसला करेंगी.

अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव के बाद गठबंधन का नेता तय होगा. ऐसे में कांग्रेस हर मोर्चे पर काम कर रही है और इसी कड़ी में पार्टी ने अब ये संकेत दिया है कि चुनाव के बाद अगर ऐसी कोई स्थिति बनती है तो फिर मायावती या ममता बनर्जी को पीएम बनाने से भी कोई परहेज नहीं है.

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