भारत बंद के जरिये देश के विकास को हाईजैक करने की कोशि‍श: मुख्तार नकवी

भारत बंद को लेकर बीजेपी की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मामले पर आजतक से बातचीत की.

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मुख्तार अब्बास नकवी मुख्तार अब्बास नकवी

राहुल झारिया / जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दि‍ल्‍ली,
  • 10 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

भारत बंद को लेकर बीजेपी की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. केंद्रीय मंत्री ने आजतक से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के 'करप्शन क्रूज' पर बैठने वालों को यह बात अच्छी तरीके से समझना चाहिए कि अगर वे अराजकता और हिंसा के जरिये देश के विकास को हाईजैक करना चाहते हैं तो यह ठीक नहीं है.

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, महंगाई की बात कर रही कांग्रेस को याद करना होगा कि उनके शासनकाल में देश को किस हालात में पहुंचा दिया गया था. 11 फीसदी के आसपास महंगाई की दर थी, जिसे मोदी जी ने अपनी कोशिशों के जरिये 4 फीसदी तक किया और 4 साल में ही महंगाई माफिया पर नकेल लगा दी.

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नकवी ने आगे कहा कि इस समय देश में विकास का माहौल है. कांग्रेस और उसके साथ शामिल दल इसे लेकर पूरे देश में अफवाहें फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं.

कभी सांप्रदायिकता की बात करते हैं तो कभी महंगाई की. कहीं-न-कहीं विपक्ष पूरी तरीके से असफलता की कगार पर खड़ी हुई है. जिसके चलते वह इस तरीके का माहौल तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं.

बीजेपी नेता ने कहा कि पंजाब के अलावा मिलीजुली सरकार कर्नाटक में है. मुझे लगता है कि इस शुभ काम को उनकी राज्यों की सरकारें शुरू करें. उनको कौन उन्हें रोकता है. हमारी राज्यों की सरकारों ने इस मामले पर काम शुरू कर दिया है.

मुख्‍तार नकवी ने कहा कि इस बंद में जनता कहां है? कांग्रेस पार्टी अराजकता और हिंसा के जरिये अगर देश के विकास को हाईजैक करने की कोशिश करती है तो उसकी हवा इसी बंद के दौरान निकल जाएगी.

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केसी त्यागी: ये जनता का नहीं, राजनीतिक पार्टियों का बंद

वहीं, जेडीयू नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री से शिवसेना, जेडीयू, अकाली दल और एलजेपी समेत हमने ये आग्रह किया है कि कुछ ऐसा मैकेनिज्म बिल्डअप करें ताकि तेल के दामों में कटौती हो सके और बैठे-बि‍ठाए विपक्ष को कोई मुद्दा न मिल जाए

आगे त्‍यागी ने बताया कि आज का बंद पॉलिटिकल बंद है न कि जनता का. इसमें सबसे बड़ी चीज यह है कि मैक्सिमम पॉलिटिक्स मिनिमम पीपल दिखाई पड़ रहे हैं.

दरअसल जनता इस पूरे बंद में कहीं भी दिखाई नहीं पड़ रही हैं. मेरा यह मानना है कि बाजार के हाथों में पूरी तरीके से तेल के दामों को नहीं दिया जाना चाहिए. लगातार बाजार की ताकतें पिछले एक सप्ताह से तेल के दाम बढ़ा रही हैं. सरकार को इनको अपने कंट्रोल में लेना चाहिए.

त्यागी ने कहा कि विपक्ष हमेशा मुद्दों की तलाश में रहता है. तेल के दाम बढ़ने से उनको घर बैठे मुद्दा मिल गया. क्योंकि वे पहले से मुद्दाविहीन थे.

2019 की यह एकजुटता है कि ममता बनर्जी और आप समेत कई स्थानीय पार्टियों ने अपने आपको बंद के आयोजन से दूर रखा है. राज्य सरकारों को वैट कमकर तेल के दाम कम करने के बारे में त्‍यागी ने कहा कि वित्तीय घाटे का बहाना देकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस पर अमल नहीं कर रही हैं.

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त्‍यागी के मुताबकि, जहां तक बिहार की बात है तो मुख्‍य विपक्षी दल आरजेडी हिंसा फैलाने और दूसरे कामों में लगी रहती है. आरजेडी पॉलिटिक्स कम गुंडागर्दी ज्यादा कर रही है.

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