तेजस्वी प्रसाद यादव एवं 7 अन्य पर सीबीआई ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक दुराचार के आरोपों के मद्देनजर IPC की धारा r/w 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) r/w 13(1)(d) के तहत एफआईआर दर्ज की है. इस बात को मुद्दा बनाते हुए बीजेपी नेता सुशील मोदी ने मंगलवार को इस मामले पर अपनी टिप्पणी जारी की.
उनके बयान के मुताबिक, FIR में कहा गया है कि 2010 से 2014 के बीच प्रेम चन्द्र गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता ने Delight Marketing Co. को श्रीमती राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को स्थानान्तरित कर दिया यानि जिस समय तेजस्वी यादव कम्पनी के मालिक बने वो व्यस्क थे, उन्हें दाढ़ी मूंछ थी. वे निमुछा नहीं थे जैसे वो दावा करते हैं.
FIR में यह भी कहा गया है कि 2014 (जब तेजस्वी 24 वर्ष के थे) में जब Delight Marketing के शेयर पूरी तरह से तेजस्वी को transfer किए गए उस समय बाजार दर 94 करोड़ तथा circle rate 32.5 करोड़ की जमीन को मात्र 65 लाख में कब्जे में ले लिया गया.
जब तेजस्वी यादव नाबालिग थे (16 वर्ष) उस समय उन्हें कांति सिंह और रघुनाथ झा की करोड़ों की जमीन सहित मकान दान में स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं हुई. तेजस्वी यादव के नाम गोपालगंज और पटना में कुल 13 संपत्ति रजिस्टर्ड है. ये सभी संपत्ति उस समय रजिस्ट्री कराई गई जब वे नाबालिग थे. 2 संपत्ति तब रजिस्ट्री हुई जब वे मात्र 3 वर्ष के थे. बाकी सभी संपत्ति जब लालू जी रेल मंत्री थे उस दौरान तेजस्वी यादव के नाम रजिस्ट्री की गई जब वे नाबालिग थे. यानी नाबालिग (निमूच्छा) रहते उन्होंने इतनी संपत्ति इकट्ठा कर लिया लेकिन उस समय उन्होंने कभी संपत्ति लेने से इंकार नहीं किया.
Delight Marketing की 3 एकड़ जमीन जब सरला गुप्ता ने तेजस्वी को 2013-14 में सौंपी उस समय वे दाढ़ी मूंछ सहित पूर्ण बालिग थे. जब तेजस्वी ने 3 एकड़ जमीन पर 7 लाख 66 हजार Sq. ft. के 12 मंजिला बिहार के सबसे बड़े मॉल के निर्माण का agreement 5 मई, 2016 को सुरसंड विधायक दोजाना की कंपनी के साथ किया उस समय तेजस्वी केवल दाढ़ी-मूंछ वाले ही नहीं बल्कि राज्य सरकार के भी थे.
Delight Marketing, AB Exports, AK Infosystem के माध्यम से जब तेजस्वी दिल्ली एवं पटना की 13 अन्य संपत्ति (मकान सहित) के मालिक बने उस समय तेजस्वी दुधमुंआ बच्चे नहीं बल्कि 23 वर्ष की उम्र थी एवं पूर्ण बालिग थे.
इस प्रकार कुल 26 संपत्ति के मालिक हैं. इसमें से 13 संपत्ति कंपनियों के माध्यम से है और 13 संपत्ति जो उनके नाम से रजिस्ट्री हुई है. कुल 26 संपत्ति में से 13 के मालिक वे तब बने जब वे या तो दुधमुंहे बच्चे थे या 8-9 में पढ़ाई कर रहे थे और 13 के मालिक तब बने जब वे 24 वर्ष की उम्र के थे दाढ़ी-मूंछ थी और पूर्णतया बालिग थे.
उपरोक्त 26 में से 13 संपत्ति को आय कर विभाग ने बेनामी घोषित कर औपबन्धिक रूप से जब्त कर लिया है. Gift लेते समय या जमीन लिखवाते समय कभी नहीं कहा कि मुझे दाढ़ी/मूंछ नहीं है इसलिए जमीन नहीं लूंगा. परन्तु दाढ़ी/मूंछ होने पर 13 बन गए और फंस गए तो कहते हैं कि मुझे तो उस समय दाढ़ी/मूंछ भी नहीं थी.
रोहित कुमार सिंह