Sidhu Moose Wala को 6 बार छू कर निकल चुकी थी मौत, सामने आया मर्डर का पाकिस्तान कनेक्शन

पंजाब के कई गैंगस्टर वसूली के लिए सिद्धू मूसेवाला के साथ-साथ उनके पिता बलकौर सिंह को भी धमकी दे चुके थे. वैसे तो सिद्धू कई गैंग्स्टर के निशाने पर थे. लेकिन उनके एक गाने 'बोले नी बंबीहा बोले' ने आग में घी डालने का काम किया था.

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सिद्धू मूसेवाला (File Photo) सिद्धू मूसेवाला (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2022,
  • अपडेटेड 6:49 AM IST
  • 29 मई को हुई थी सिद्धू मूसेवाला की हत्या
  • हमलावरों ने सिद्धू के शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया था
  • लगातार गैंगस्टर्स के निशाने पर थे सिद्धू मूसेवाला

पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उनकी मौत के बाद लगातार कई खुलासे हो रहे हैं. अब पता चला है कि इससे पहले भी उन पर 6 बार जानलेवा हमला हो चुका था, जिसमें मूसेवाला बाल-बाल बचे थे.

पिछले 3 साल से मौत सिद्धू मूसेवाला का साए की तरह पीछा कर रही थी. सिद्धू लगातार गैंग्स्टर्स के निशाने पर थे. एक बार तो उन्हें जान बचाने के लिए दिल्ली के पांच सितारा होटल के पीछे के दरवाजे से तक भागना पड़ा था. एक बार उन्हें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने खुद फोन कर धमकाया था.

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हालांकि, सिद्धू ने लॉरेंस को ऐसा जवाब दिया था जिससे बिश्नोई गैंग का पारा सांतवे आसमान पर चढ़ गया था. सिद्धू ने फोन पर कहा था कि लॉरेंस को जो करना है, वह कर ले. उनकी गन हमेशा लोड ही रहती है और इसलिए वो किसी से नहीं डरते. पुलिस की अब तक की गई पड़ताल में सामने आया है कि हत्या के कुछ दिन पहले भी सिद्धू को मारने की कोशिश की गई थी.

पंजाब के कई गैंगस्टर वसूली के लिए सिद्धू मूसेवाला के साथ-साथ उनके पिता बलकौर सिंह को भी धमकी दे चुके थे. वैसे तो सिद्धू कई गैंग्स्टर के निशाने पर थे. लेकिन उनके एक गाने 'बोले नी बंबीहा बोले' ने आग में घी डालने का काम किया था. इस गाने को पंजाब के गैंगस्टर देवेंद्र बंबीहा से जोड़कर देखा जा रहा था. बंबीहा गैंग पहले ही बिश्नोई गैंग का विरोधी था.

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बंबीहा पर सिद्धू का गाना आने के बाद लॉरेंस बिश्नोई के गैंग को लगने लगा कि सिद्धू की बंबीहा गैंग के साथ काफी नजदीकियां हैं. यहां से ही उनके और बिश्नोई गैंग के बीच सीधी लड़ाई की शुरुआत हो गई. 

एक बार कुछ नकाबपोश बदमाश फैन बनकर सिद्धू मूसेवाला के घर पहुंच गए. वे सिद्धू से मिलने की मांग कर रहे थे. लेकिन जब सिद्धू की सिक्योरिटी में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उनसे उनका पहचान पत्र मांगा तो वो वहां से भाग निकले.  

इतना ही नहीं एक बार नए साल पर दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में सिद्धू मूसेवाला का म्यूजिकल कंसर्ट था. यहां एक बिना नंबर प्लेट की कार ने सिद्धू का पीछा किया. किसी तरह सिद्धू हमलावरों से बचकर अपने होटल पहुंचे और यहां से पीछे के दरवाजे से भागने में कामयाब रहे थे.

16 सितंबर 2020 को जालंधर पुलिस ने 2 शूटर्स को पकड़ा था. दोनों हथियार के साथ घूमते पकड़े गए थे. पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया था कि वे दोनों सिद्धू मूसेवाला से 50 लाख रुपए की रंगदारी लेने आए थे. अगर सिद्धू उन्हें पैसे देने से मना करते तो वह उसी समय सिद्धू को मारने का प्लान बनाकर आए थे.

हालांकि, सिद्धू की मौत की असली प्लानिंग कबड्डी प्लेयर संदीप नंगल अंबिया के मर्डर के बाद शुरू हुई. दरअसल, लॉरेंस बिश्नोई ने संदीप की हत्या के बाद कहा था कि वह बिश्नोई के बड़े भाई के समान था. इसलिए उसकी मौत का बदला लिया जाएगा. इसके बाद लॉरेंस ने फोन कर सिद्धू मूसेवाला को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी.

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सिद्धू की हत्या के लिए रशियन मेड एएन 94 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया गया है. पुलिस और जांच एजेंसी फिलहाल ये पता करने की कोशिश कर रही है, कि यह राइफल हमलावरों के पास आई कहां से? इसके पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंचने के कयास भी लगाए जा रहे हैं. दरअसल, इन दिनों पाकिस्तान बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई की जा रही है. इसलिए जांच ऐजेंसियों को शक है कि ये हथियार भी ड्रोन के जरिए ही पाकिस्तान से भारत आया हो. 

(आजतक ब्यूरो टीम)

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