पंजाब: कैप्टन के मंत्रियों ने की सिद्धू की बर्खास्तगी की मांग, बोले-BJP के एजेंडे पर कर रहे काम

नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सरकार के आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है. पहले तीन कैबिनेट मंत्रियों के बाद बुधवार को चार और मंत्रियों ने सिद्धू के खिलाफ कांग्रेस हाईकमान से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है. ऐसे में अब देखना है पार्टी हाईकमान सिद्धू बनाम कैप्टन टीम के बीच छिडी सियासी जंग को कैसे साधता है? 

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कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 13 मई 2021,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST
  • पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं
  • कैप्टन अमरिंदर बनाम नवजोत सिंह सिद्धू
  • कैप्टन के मंत्री सिद्धू के खिलाफ खड़े हुए

पंजाब कांग्रेस में कलह थमने के बजाए बढ़ती जा रही है. नवजोत सिंह सिद्धू से लेकर कई असंतुष्‍ट नेता मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह पर कई तरीके से हमले कर रहे हैं. वहीं, अब दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ कैप्टन अमरिंदर सरकार के आधा दर्जन के ज्यादा मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है. पहले तीन कैबिनेट मंत्रियों के बाद बुधवार को चार और मंत्रियों ने सिद्धू के खिलाफ कांग्रेस हाईकमान से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है. ऐसे में अब देखना है पार्टी हाईकमान सिद्धू बनाम कैप्टन टीम के बीच छिडी सियासी जंग को कैसे साधता है? 

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अमरिंदर सरकार में कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला, भारत भूषण आशू और गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने नवजोत सिद्दू के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है. इन चारों मंत्रियों ने सिद्धू के द्वारा बीते कुछ दिनों से मुख्यमंत्री पर लगातार किए जा रहे तीखे हमलों को कांग्रेस के लिए तबाही की मुहिम करार दिया है. उन्होंने कहा है कि सिद्धू और प्रदेश के विपक्षी दल के ओर से बैटिंग कर रहे हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी और बीजेपी शामिल हैं. सिद्धू के इन दलों के साथ  मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता.  

उन्होंने कहा कि यह भी संभव है कि नवजोत सिद्धू द्वारा मुख्यमंत्री पर किए जा रहे हमले प्रदेश में 2022 के चुनाव के मद्देनजर किसी चुनावी एजेंडे का हिस्सा हों, क्योंकि यह साफ दिख रहा है कि पंजाब कांग्रेस के लिए समस्याएं खड़ी की जा रही हैं और यह सब कुछ बीजेपी और आप नेताओं के उकसावे पर हो रहा है.  

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मंत्रियों ने आगे कहा कि जिस तरह सिद्धू द्वारा प्रदेश सरकार खासकर मुख्यमंत्री के खिलाफ मुहिम शुरू की गई है, वह साफ तौर पर एक साजिश दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि सिद्धू द्वारा बेअदबी और अन्य मुद्दों को लेकर कैप्टन पर किए जा रहे जुबानी हमले पार्टी के खिलाफ खुली बगावत हैं. 

कैप्टन के चारों मंत्रियों ने सिद्धू के कार्यों को पूरी तरह अनुशासनहीनता करार देते हुए कहा कि ऐसी पार्टी विरोधी गतिविधियों को कोई भी राजनीतिक दल बर्दाश्त नहीं कर सकता. वह भी ऐसे समय जब प्रदेश में चुनाव नजदीक हों. चारों मंत्रियों ने मांग की कि सिद्धू को तुरंत पार्टी से बर्खास्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सिद्धू को निकाला नहीं गया तो पंजाब कांग्रेस में उसकी लगातार मौजूदगी पार्टी की प्रदेश इकाई में गड़बड़ी फैला सकती है और पार्टी का ध्यान चुनाव की तैयारी संबंधी महत्वपूर्ण कार्य से भटक सकता है. 

मंत्रियों ने आगे कहा कि जिस थाली में खाना, उसी में छेद करना सिद्धू की आदत है. इसी वजह से सिद्दू ने अपनी पूर्व पार्टी में भी अपनी साख गंवा दी है. सिद्धू को पार्टी के लिए एक मुसीबत करार देते हुए चारों मंत्रियों ने कहा कि इतने सालों के दौरान सिद्धू पंजाब में कांग्रेस और प्रदेश सरकार में कोई योगदान देने में पूरी तरह असफल रहा है.

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कैप्टन को चुनाव लड़ने की चुनौती देने के मुद्दे पर चारों मंत्रियों ने कहा कि सिद्धू को चाहिए कि वह कांग्रेस छोड़ दे और अगर उन्हें अपनी सियासी ताकत पर भरोसा है तो मुख्यमंत्री के विरुद्ध चुनाव लड़े। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री पर हमले करके वे प्रसिद्धि पाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका कोई सियासी लाभ नहीं होने वाला. 

बता दें कि इससे पहले कैप्‍टन अमरिंदर सरकार के तीन कैबिनेट मंत्रियों ने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ पार्टी नेतृत्‍व से अनुशासनात्‍मक कार्रवाई की मांग की थी. वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से सिद्धू को चुनाव लड़ने की खुली चुनौती का हवाला देते हुए मंत्रियों ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को अपनी राजनीति शक्ति पर विश्‍वास है तो वह कांग्रेस छोड़ दें और मुख्यमंत्री के विरुद्ध मैदान में आएं यदि उसे सचमुच अपनी राजनीतिक शक्ति पर विश्वास है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के विरुद्ध शाब्दिक हमले करने से उनको बस सुर्खियां ही मिलती हैं. ऐसे में देखना है कि कांग्रेस हाईकमान क्या कदम उठाता है?

 

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