यूपी चुनाव में AAP की एंट्री पर प्रदेश बीजेपी चीफ की प्रतिक्रिया- 'किसका नाम ले लिया, मूड ऑफ हो गया'

केजरीवाल ने 2022 में उत्तर प्रदेश के होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के भी उतरने की घोषणा की है. हालांकि, दिल्ली चुनाव के बाद ही यूपी में अपना राजनीतिक आधार बनाने की कवायद आम आदमी पार्टी ने शुरू कर दी थी.

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यूपी बीजेपी चीफ स्वतंत्र देव सिंह यूपी बीजेपी चीफ स्वतंत्र देव सिंह

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 15 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:04 PM IST
  • AAP ने किया यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान
  • केजरीवाल के ऐलान पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आई
  • आम आदमी पार्टी का कोई जनाधार नहींः केशव मौर्य

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 के दंगल में आम आदमी पार्टी भी उतरेगी. मंगलवार को AAP प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी 2022 में उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव लड़ेगी. AAP के इस ऐलान के बाद बीजेपी सहित कई विपक्षी दलों की की प्रतिक्रिया आई है.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से केजरीवाल के ऐलान पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, "किसका नाम ले लिया, मूड ऑफ हो गया." वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिनसे दिल्ली संभल नहीं रही है, वो 24 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश को संभालेंगे. प्रदेश में आम आदमी पार्टी का कोई जनाधार नहीं है. केजरीवाल जरूरत से ज्यादा बड़ी बातें कर रहे हैं. उनकी हालत कांग्रेस से भी बुरी होने वाली है.

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समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने कहा कि कौन क्या कहता है, इस पर समाजवादी लोग विश्वास नहीं करते हैं. हमारा लक्ष्य होता है कि प्रदेश में विकास कैसे हो. रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हमारे मुद्दे होते हैं. 2022 में समाजवादी पार्टी मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी.

बता दें कि केजरीवाल ने 2022 में उत्तर प्रदेश के होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के भी उतरने की घोषणा की है. हालांकि, दिल्ली चुनाव के बाद ही यूपी में अपना राजनीतिक आधार बनाने की कवायद आम आदमी पार्टी ने शुरू कर दी थी, जिसकी कमान पार्टी नेता संजय सिंह के हाथों में है. 

यूपी में AAP का प्रदर्शन

बता दें कि यूपी में सियासी जमीन मजबूत करने के लिए 2014 में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से चुनावी ताल ठोक दी थी. केजरीवाल के पुराने साथी कुमार विश्वास भी राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़े थे, लेकिन कोई भी जीत नहीं सका.

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इसके बाद 2017 में हुए यूपी निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी अपना खाता खोलने में कामयाब रही थी. बांदा की तिंदवारा और बिजनौर की सहसपुर नगर पंचायत चेयरमैन पद का चुनाव जीतने में आम आदमी पार्टी कामयाब रही थी. इसके अलावा नगर पंचायत के 18 सभासद, नगर पालिका परिषद में 13 सदस्य और नगर निगम के चुनाव में झांसी में 2 और मुरादाबाद में एक पार्षद ने जीत हासिल की थी. 

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