मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था. कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले कांग्रेस पार्टी ने इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा है.
राज्यसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की एक सीट से नामांकन करने वाली मीनाक्षी नटराजन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है. सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई होनी है. उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में है और मैं कोर्ट में अपना पक्ष रखूंगी. यहां ज्यादा कुछ नहीं कहूंगी. मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि एक बात जो पब्लिक डोमेन में है, मैं उस पर बात करना चाहती हूं.
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रचारित किया जा रहा है कि मैंने फॉर्म 26 में इस तथ्य की जानकारी नहीं दी थी, जानकारी छिपाई थी. मीनाक्षी नटराजन ने दावा किया कि जो जानकारी छिपाने का प्रचार किया जा रहा है, वैसी जानकारी के लिए फॉर्म 26 में कोई कॉलम ही नहीं है. उन्होंने कहा कि फॉर्म 26 में ऐसा कोई कॉलम दिया ही नहीं गया है, जिसमें किसी निजी और अनियमित शिकायत (रैंडम प्राइवेट कंप्लेंट) का उल्लेख किया जा सके.
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मीनाक्षी नटराजन ने दावा किया है कि फॉर्म 26 में कोई भी जानकारी छिपाई नहीं गई है. उन्होंने कहा है कि फॉर्म 26 में जितनी भी जानकारियों का कॉलम होता है, वह सभी जानकारियां मेरी ओर से दी गईं हैं. मीनाक्षी नटराजन ने कहा है कि हमने वह सभी जानकारियां फॉर्म 26 में दी हैं, जिनके कॉलम दिए गए हैं. हम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे.
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वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि पार्टी के 61 विधायक यहां मौजूद हैं. उन्होंने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह हमारी पार्टी से डर गए हैं. जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी नेतृत्व भी हमसे भयभीत है और इसलिए ही हमारी पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन खारिज कराया गया.
शिवानी शर्मा