इमरान प्रतापगढ़ी से कविता पाटीदार तक... राज्यसभा में पहली बार नजर आएंगे ये 10 चेहरे

Rajya Sabha Elections 2022: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी सहित सभी दलों ने अपने-अपने पत्ते खोल दिए हैं. राष्ट्रीय पार्टी से लेकर क्षेत्रीय दलों तक सबने राज्यसभा के लिए चौंकाने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है, जिनमें इमरान प्रतापगढ़ी से लेकर कविता पाटीदार, दर्शना सिंह, संगीता यादव, शंभु सरण पटेल शामिल हैं.

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इमरान प्रतापगढ़ी, कविता पाटीदार, दर्शना सिंह इमरान प्रतापगढ़ी, कविता पाटीदार, दर्शना सिंह

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली ,
  • 31 मई 2022,
  • अपडेटेड 8:36 AM IST
  • इमरान प्रतापगढ़ी को कांग्रेस ने बनाया राज्यसभा प्रत्याशी
  • बीजेपी ने पुराने नेताओं की जगह नए चेहरों पर खेला दांव
  • आरजेडी-जेडीयू ने अपने वफादारों पर जताया भरोसा

देश के 15 राज्यों की 57 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए कैंडिडेट के नामों का ऐलान सभी राजनीतिक दलों ने कर दिया है. बीजेपी ने 18 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है तो कांग्रेस ने 10 प्रत्याशी के नाम का ऐलान किया. वहीं, अलग-अलग राज्यों में क्षेत्रीय दलों ने अपने-अपने कैंडिडेट की लिस्ट जारी कर दी है, जिनमें तमाम ऐसे चेहरे हैं जो पहली बार राज्यसभा ही नहीं बल्कि संसद में पहली बार कदम रखेंगे. इस फेहरिश्त में शायर से नेता बने इमरान प्रतापगढ़ी से लेकर कल्पना सैनी, कविता पाटीदार और शंभु सरण पटेल जैसे 10 नाम हैं जो पहली बार राज्यसभा में दिखेंगे.

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1.कविता पाटीदार
मध्य प्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी के लिए बीजेपी ने कविता पाटीदार को प्रत्याशी बनाया है. कविता ओबीसी समुदाय से आती हैं और बीजेपी की प्रदेश महामंत्री हैं. इंदौर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं. कविता को सियासत विरासत में मिली हुई है.

सुंदरलाल पटवा सरकार में मंत्री रहे दिवंगत नेता भेरूलाल पाटीदार की बेटी कविता पाटीदार हैं. बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की समर्थक मानी जाती हैं. कविता को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाकर बीजेपी ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के पहले ओबीसी वर्ग को बड़ा संदेश देने का दांव चला है. 

2. संगीता यादव
गोरखपुर के चौरीचौरा से बीजेपी विधायक रहीं संगीता यादव का पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. संगीता यादव के पति अजय कुमार मौर्य इनकम टैक्स विभाग के कमिश्नर हैं. वो 2013 में भाजपा से जुड़ीं और पिछड़ा मोर्चा की प्रदेश मंत्री बनीं थी.

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2017 में चौरी चौरा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी की विधायक चुनी गईं थी और 2021 से महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. 2022 के चुनाव में फिर से तैयारी में जुटी थीं. इसी बीच पता चला कि चौरीचौरा सीट बीजेपी की सहयोगी निषाद पार्टी के खाते में चली गई है. ऐसे में संगीता यादव का टिकट कट गया, लेकिन पार्टी ने राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर बड़ी सौगात दी है. 

3.दर्शना सिंह
बीजेपी ने यूपी कोटे से दर्शना सिंह को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है. चंदौली जिले की रहने वाली दर्शना सिंह वाराणसी में रहती हैं और पहली बार संसद पहुंचेगी. 1996 में पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से हिस्‍ट्री में एमए किया है. इसके बाद आकाशवाणी और दूरर्शन के इलाहाबाद केंद्र पर काम किया है.

दर्शना सिंह ने सियासी पारी की शुरुआत 2008 में की थी. इसके बाद साल 2011 में वह चंदौली जिले की मह‍िला मोर्चा अध्‍यक्ष बनीं. साल 2013 में वह महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की सदस्‍य, साल 2015 में भाजपा काशी क्षेत्र की मंत्री और साल 2018 में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्‍यक्ष बनीं. वह महिला मोर्चा की राष्‍ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और अब राज्यसभा पहुंचेगी. 

4. कल्पना सैनी

उत्तराखंड की एकलौती राज्यसभा सीट के लिए बीजेपी ने डॉ. कल्पना सैनी को प्रत्याशी घोषित किया है. रुड़की की निवासी कल्पना सैनी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष हैं. डॉ.कल्पना सैनी के परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि रही है.

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पिता पूर्व विधायक स्व.पृथ्वी सिंह उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार में सिंचाई राज्यमंत्री रहे हैं. इस तरह सियासत उन्हें विरासत में मिली है और उत्तराखंड से राज्यसभा पहुंचने वाली दूसरी महिला होंगी. 

5. शंभू सरण पटेल
बिहार से बीजेपी के टिकट पर शंभू शरण पटेल राज्यसभा जाएंगे. बीजेपी ने उन्हें गोपाल नारायण सिंह की जगह पर प्रत्याशी बनाया है. शंभू शरण पटेल बिहार भाजपा के प्रदेश सचिव हैं. पार्टी में न उनका कद बड़ा है और ना ही नाम. प्रदेश सचिव के पहले वे बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रहे हैं.

शंभू शरण पटेल शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड के छठीआरा गांव के रहने वाले हैं. ये अतिपिछड़ा समाज के धानुक समुदाय से आते हैं. धानुक जाति को कुर्मी और कोइरी समाज के समकक्ष ही माना जाता है. ऐसे में बीजेपी ने शंभू पटेल के जरिए  के साथ-साथ युवाओं को भी साधने का दांव चला है. 

6. बाबूराम निषाद 
यूपी से बीजेपी ने बाबूराम निषाद को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है. बाबू राम निषाद बुंदेलखंड क्षेत्र के बीजेपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे हैं. वह मत्स्य बोर्ड के अध्यक्ष के अलावा योगी सरकार में दर्जा प्राप्त मंत्री भी रहे हैं.

बाबू राम को पूर्व सांसद उमा भारती का भी बेहद करीबी माना जाता है. बुंदेलखंड के हमीरपुर और निषाद समुदाय से आते हैं. बाबूराम राज्यसभा में पहली बार पहुंच रहे हैं. सूबे में योगी सरकार बनने के बाद राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला था. 

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7. इमरान प्रतापगढ़ी 
कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम इमरान प्रतापगढ़ी का है, जिन्हें महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. उनका नाम सामने आते ही कांग्रेस में बगावती सुर भी सुनाई देने लगे हैं. कुछ कांग्रेस नेताओं ने तो सीधे तौर पर इमरान का नाम लेकर पार्टी आलाकमान पर निशाना साधा है.

इमरान प्रतापगढ़ी का कांग्रेस के साथ बहुत लंबा सियासी सफर नहीं है, 2019 के चुनाव में मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे और अपनी जमानत भी नहीं बचा सके थे. इसके बाद उन्हें कांग्रेस अल्पसंख्यक कमेटी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया और अब राज्यसभा.

8. फैयाज अहमद
आरजेडी ने राज्यसभा के लिए मीसा भारती के साथ-साथ डॉ. फैयाज अहमद को भेजने का फैसला किया है, जिसके लिए उन्होंने नामांकन दाखिल किया है. डॉ फैयाज अहमद ने अपना सियासी सफर 2005 में जेडीयू से शुरू किया था और चुनाव लड़े पर जीत नहीं सके. इसके बाद वह आरजेडी में शामिल हो गए.

पार्टी ने उन्हें 2010 और 2015 में मधुबनी जिला के बिस्फी विधानसभा से टिकट दिया और दोनों बार फैयाज ने जीत दर्ज की. 2020 के विधानसभा चुनाव में बिस्फी सीट से राजद के उम्मीदवार के रूप में फैयाज हार गए थे और अब उन्हें पार्टी राज्यसभा भेज रही है. फैयाज अहमद मेडिकल कॉलेज के संस्थापक/संचालक हैं. फैयाज मधुबनी मेडिकल कॉलेज के संस्थापक हैं.

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9. खीरू महतो
जेडीयू ने बिहार की अपनी एकलौती राज्यसभा सीट के लिए खीरू महतो को प्रत्याशी बनाया है. खीरू महतो को नीतीश का करीबा माना जाता है. झारखंड में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष हैं. महतो ने 1978 में मुखिया के चुनाव से अपने सियासी कैरियर की शुरुआत की थी.

समता पार्टी के कामकाज के दौरान देश के कद्दावर नेता जॉर्ज फर्नांडिस जब भी झारखंड आते-जाते, तो खीरू महतो साथ होते थे. महतो 2005 में मांडू विधानसभा से विधायक बने थे, लेकिन उसके बाद दोबारा नहीं जीते. ऐसे में अब उन्हें पार्टी ने राज्यसभा भेज रही. 

10 आदित्य साहू 
झारखंड से बीजेपी ने आदित्य साहू को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. रांची के ओरमांझी अंतर्गत कुच्चू के रहनेवाले आदित्य साहू पिछले दो दशक से पार्टी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. वो बीजेपी संगठन में विभिन्न दायित्वों को निभाते हुए अभी प्रदेश महामंत्री के रूप में काम कर रहे हैं. ऐसे में अब बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है. 

 

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