'कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं...', कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का शशि थरूर पर कटाक्ष

ऑपरेशन सिंदूर के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर को चुना गया. इसको लेकर अब खड़गे ने थरूर और पीएम मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हमारे लिए देश पहले है लेकिन कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं.

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 जून 2025,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बार-बार तारीफ करने के लिए वरिष्ठ पार्टी नेता शशि थरूर पर कटाक्ष किया और कहा कि कुछ लोगों के लिए मोदी पहले हैं. खड़गे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब थरूर और कांग्रेस के बीच खुलकर मतभेद की बात सामने आ रही है. 

ऑपरेशन सिंदूर के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर को चुना गया. इसको लेकर अब खड़गे ने थरूर और पीएम मोदी पर निशाना साधा.

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए उन्होंने कहा, "शशि थरूर की इंग्लिश बहुत अच्छी है. इसीलिए उन्हें कांग्रेस कार्यसमिति में रखा गया है. मैंने गुलबर्ग में कहा था कि हम एक स्वर में बोलते हैं, हम देश के लिए एक साथ खड़े हैं. हम ऑपरेशन सिंदूर में एक साथ खड़े थे. हमने कहा कि देश पहले है, लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि मोदी पहले हैं, देश बाद में है. तो हमें क्या करना चाहिए?"

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के अधीन कठपुतली बन गया है. उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी कहते हैं कि मैं चुनाव जीत रहा हूं. राहुल गांधी ने सवाल उठाया तो ईडी के पास कोई जवाब नहीं था. मौजूदा वक्त में चुनाव आयोग मोदी की कठपुतली बनकर रह गया है." 

खड़गे ने आगे कहा, "नरेंद्र मोदी बिहार में प्रचार कर रहे हैं. अरे चुनाव तुम नहीं जीत रहे हो, मशीन जीत रही है. प्रधानमंत्री ने आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर सरकार द्वारा एक नया परिपत्र जारी किया है. इसमें कहा गया है कि इमरजेंसी के वक्त संविधान नष्ट हो गया था और हमने संविधान में विश्वास बहाल किया है. हर राज्य को संविधान हत्या दिवस मनाना चाहिए."

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश की आजादी में जिनका कोई योगदान नहीं रहा, वो संविधान के खिलाफ बातें करते रहे हैं. बीजेपी 'संविधान बचाओ यात्रा' से घबरा रही है. जो लोग शासन करने में नाकाम हैं, मंहगाई से लेकर बेरोजगारी पर जवाब नहीं है, नोटबंदी पर जवाब नहीं है. आप सर्वदलीय बैठक में नहीं आते हैं, पहलगाम पर बैठक बुलाकर आप रैली करने चले गए."

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